हरदोई। गांवों के विकास और राज्य वित्त आयोग व केंद्रीय वित्त आयोग के रुपये खर्च करने में लापरवाही पर तीन पंचायत सचिवों के निलंबन की संस्तुति की गई है।
इन ग्राम पंचायतों में बड़ी मात्रा में दोनों मदों का बजट खातों में डंप है। इससे गांवों में विकास कार्य न होने से ग्रामीणों को सुविधा-सहूलियत नहीं मिल पा रही है और वहीं, खर्च न होने से जिले की प्रगति भी प्रभावित हो रही है।
गांवों में विकास कार्यों के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में आबादी के अनुसार बजट आवंटित किया जाता है। यहां पर 95 ग्राम पंचायतों में बड़ी मात्रा में बजट खातों में पड़ा हुआ है। शनिवार को जिला पंचायत राज अधिकारी ने गांवों में विकास कार्य न होने और खातों में रुपये होने की समीक्षा की।
विकास खंड अहिरोरी और बावन के पंचायत सचिवों से खर्च न होने के संबंध में जानकारी भी ली। उन्होंने लापरवाही के लिए विकास खंड अहिरोरी के पंचायत सचिव जागेश्वर प्रसाद और विकास खंड बावन के पंचायत सचिव अवनीश कश्यप और पंचायत सचिव दिव्या सिंह गौर के निलंबन की संस्तुति डीडीओ से की है। बताया कि पंचायतीराज विभाग के कामों में लापरवाही पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।