हरदोई। अधिवक्ता कनिष्क मेहरोत्रा हत्याकांड में शूटर और साजिश रचने वालों के बीच की कड़ी 25 हजार रुपये के इनामी शातिर को पुलिस ने शनिवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पर फायरिंग करने के बाद भागते शातिर के गिर जाने से पैर भी टूट गया। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उसके पास से एक तमंचा, एक कारतूस बरामद हुआ है। अधिवक्ता हत्याकांड में यह आठवीं गिरफ्तारी है। घटना में सामने आए सभी आरोपियों की अब गिरफ्तारी हो गई है।
शहर में सिनेमा चौराहे के पास वरिष्ठ अधिवक्ता कनिष्क मेहरोत्रा की 30 जुलाई को उनके घर के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्यारोपियों में मुख्य शूटर राम सेवक, राजवीर और नीरज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।
साजिशकर्ता सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष बीरे यादव, आदित्यभान सिंह, नृपेंद्र त्रिपाठी और शिखर गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। अधिवक्ता को गोली मारने वाले राम सेवक की मुलाकात साजिश रचने वालों से कराने वाले रामू महावत की तलाश पुलिस कर रही थी। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र ने बताया कि शनिवार रात मुखबिर से जानकारी मिली थी कि रामू महावत रद्धेपुरवा के पास निर्माणाधीन बाईपास के करीब मौजूद है। इस पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दी। रामू ने पुलिस को देखकर फायरिंग की और भागने लगा। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली पैर में लगने से रामू घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया।