फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: बारिश-आंधी और ओलावृष्टि ने फसलों को किया चौपट, किसान चिंतित

विज्ञापन
फोटो-17- ओले गिरने से खेत में टूटी मक्के की फसल। संवाद
विज्ञापन
हरदोई। अप्रैल में आई बेमौसम आंधी, बरसात और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। तेज हवा, खेतों में पानी भरने और ओला गिरने से फसलें चौपट हो गई हैं। गेहूं के साथ ही सरसों और अगैती मक्का की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे कराया जा रहा है। मानकों में आने पर किसानों को आर्थिक मदद मिल पाएगी।
विज्ञापन




फसलों को हुए नुकसान से किसान चिंतित हैं। गेहूं और सरसों का दाना खराब होने के साथ ही भूसे की भी किल्लत होने की आशंका है। आंधी, बारिश और ओलों के कारण खेतों में खड़ी और कटी पड़ी दोनों प्रकार की फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भर जाने से फसलों में दीमक और फफूंद की आशंका है। हालांकि बृहस्पतिवार को दिन में धूप खिलने पर किसानों ने फसलों को उलट-पलट कर सुखाने का प्रयास किया लेकिन फसल अभी मड़ाई लायक नहीं सूख सकी है। किसानों के मुताबिक, समय से फसल तैयार थी और कटाई के बाद खेतों में पड़ी थी ऐसे में अचानक आई बारिश और ओलावृष्टि से बड़ा झटका लगा है।


माधौगंज में बुधवार शाम को आंधी-पानी के साथ ओलों ने फसल को तहस-नहस कर दिया। इस्लामपुर जगाई के राधे, सैयद, जलालुद्दीन, हसनपुर ज्योली के किसान उमेश कुशवाहा, नरेंद्र यादव, अवनीश गौतम, वसीकुन के मुताबिक फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मक्का की बोई गई फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन




कृषि और बीमा कंपनी की टीम करेगी जांच
उप निदेशक कृषि सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में दो प्रकार के किसानों ने बीमा कराया है। एक वह किसान है जिन्होंने बैंक से फसलों के लिए ऋण लिया है और दूसरे वह किसान हैं जिन्होंने अपनी फसल का प्रीमियम जमा कर बीमा कराया है। ऋण लेने वाले और केसीसी धारक किसानों की प्रीमियम राशि की कटौती संबंधित बैंक के माध्यम से ही कर ली जाती है। बताया कि रुक-रुककर होने वाली बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को होने वाले नुकसान के लिए बीमित किसान को 72 घंटे के अंदर इसकी सूचना एप, मोबाइल नंबर और लिखित रूप से कृषि विभाग, एसडीएम के यहां देनी होती है। बताया कि अब तक करीब 2,296 किसानों ने बीमा क्लेम किया है। वहीं, अभी क्लेम आ भी रहे हैं। क्लेम पर कृषि विभाग और बीमा कंपनी की टीम के माध्यम से फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाता है। 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर पूरी क्षतिपूर्ति किए जाने की व्यवस्था है जबकि इससे कम नुकसान पर फसल की कटाई के समय उत्पादन में आई कमी के आधार पर क्षतिपूर्ति का निर्धारण किया जाता है।
-
रुक-रुककर होने वाली बारिश और बुधवार देर शाम ओलावृष्टि भी हुई। इससे फसलों को हुए नुकसान की एसडीएम के माध्यम से सर्वे रिपोर्ट मांगी गई है। तहसीलवार राजस्व कर्मियों से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में दैवी आपदा के मानकों में नुकसान वाले किसानों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और अनुमन्य आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। सभी एसडीएम से कहा गया है कि सर्वे कराते हुए जल्द से जल्द से रिपोर्ट कार्यालय में प्राप्त कराएं ताकि प्रभावित किसानों को मदद दिए जाने की प्रक्रिया समय से पूरी कराई जा सके। -प्रियंका सिंह, अपर जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें