हरदोई। बारिश से मौसम सामान्य हुआ लेकिन श्रमिकों की राह को भी रोकने का काम हुआ। मनरेगा समेत अन्य योजनाओं के काम ठप हो गए हैं जिससे परियोजनाओं पर श्रमिकों की संख्या कम हुई है। मनरेगा में ही प्रतिदिन औसतन 45 हजार से संख्या सिमटकर 3,026 श्रमिक रह गई है। इससे परियाेजनाओं पर काम प्रभावित हो रहे हैं।
मनरेगा में जॉबकार्ड धारक परिवारों को रोजगार दिए जाने की व्यवस्था है। पिछले तीन-चार दिनों से हो रही बरसात ने श्रमिकों की डलिया और फावड़ा पर विराम लगा दिया है। मनरेगा के साथ ही पंचायतीराज विभाग और अन्य एजेंसियों के भी निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए हैं। मनरेगा और पंचायतीराज विभाग की तरफ से कराए जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प, अमृत सरोवर, खेल मैदान समेत मार्गों को बनवाए जाने आदि के काम सुचारु नहीं कराए जा पा रहे हैं। मनरेगा में ही देखे तो जुलाई में औसतन प्रतिदिन 45 हजार श्रमिक काम करते थे। बारिश के बाद श्रमिकों की संख्या सिमट कर 3,026 रह गई है। इससे रोजगार देने की स्थिति भी पिछड़ रही है।
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मनरेगा में ब्लाॅकवार काम करने वाले श्रमिकों की संख्या पर एक नजर :
ब्लॉक : श्रमिकों की संख्या
अहिरोरी : 16
बावन : 285
बेहंदर : 195
भरावन : 300
भरखनी : 720
बिलग्राम : 135
हरियावां : 133
हरपालपुर : 32
कछौना : 10
कोथावां : 94
माधाैगंज : 98
मल्लावां : 95
सांडी : 567
संडीला : 196
शाहाबाद : 40
सुरसा : 22
टोडरपुर : 88
बारिश में गांवों में आमजन से जुड़े और प्राथमिकता के कामों को कराया जा रहा है। अमृत सरोवर, खेल मैदान आदि के कामों को कराना संभव नहीं हो पा रहा है। कार्यक्रम अधिकारियों ने जलभराव और बरसात में काम न हो पाने और अनहोनी की आशंका से कम संख्या में ही श्रमिकों को रोजगार पर लगाने की जानकारी दी है। बरसात के बाद फिर से तेजी से काम कराया जाएगा। -रवि प्रकाश सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार