नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के तत्वावधान में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ रेलवे कर्मियों का प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। रेलवे कर्मियों ने प्लेटफार्म व स्टेशन परिसर में जुलूस निकाल कर मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। रेलवे कर्मचारियों ने सोमवार से जन जागरण अभियान चलाने की चेतावनी दी।
नार्दन रेलवे मेंस यूनियन की जिला शाखा अध्यक्ष शैलेश तिवारी के निर्देशन में दूसरे दिन गुरुवार को कर्मचारियों ने जुलूस निकाल कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। रेलवे कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू न करने के साथ राष्ट्रीय पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी गारंटेड पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन योजना का लाभ देने की बात कही।
इसके अतिरिक्त एक जुलाई 2015 को लागू महंगाई भत्तों के आधार पर न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये लागू करने और उच्च वेतनमान को संशोधित करने, एक जनवरी और एक जुलाई से वार्षिक वेतन वृद्धि कराने, मकान किराया भत्ता 30, 20 और 10 प्रतिशत देने, सभी वरिष्ठ पर्यवेक्षक को ग्रेड पे रुपये 5000 रुपये के समतुल्य वेेतनमान, तकनीशियन ग्रेड टू को तकनीशियन ग्रेड फर्स्ट में समाहित कर उच्च वेतनमान, सभी भत्तो और अग्रिमों को समाप्त कर सिफारिशों को रद् करने की मांग की गई।
ग्रुप बीमा योजना की मासिक कटौती 50 प्रतिशत सरकार से दिए जाने और मंत्रियों का उच्च स्तरीय समूह गठित कर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में सुधार की मांग की गई। कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर सोमवार से 11 फरवरी तक जनजागरण अभियान चलाने की बात कही। इस मौके पर शाखा सचिव एसके श्रीवास्तव, आरसी सिंह, आनंद मिश्रा, एके श्रीवास्तव, लाल सिंह, राजेश कुमार सिंह, एपी त्रिपाठी, काली प्रसाद, हरिद्वारी लाल, सुभाष अवस्थी आदि मौजूद रहे।