हरदोई। होली मनाकर वापस लौट रहे यात्रियों के लिए हरदोई रेलवे स्टेशन पर टिकट लेना किसी मुसीबत से कम नहीं रहा। स्टेशन पर एक मात्र टिकट काउंटर संचालित होने से यात्रियों को घंटों कतार में खड़े रहना पड़ा। शुक्रवार देर रात लोगों की भीड़ इस कदर हो गई कि टिकट लेने वालों की कतार सड़क तक जा पहुंची। इससे अफरा तफरी का माहौल बना रहा। वहीं, ट्रेन छूटने के डर से तमाम यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
स्थानीय रेलवे स्टेशन से देर रात दिल्ली, चंडीगढ़ और अमृतसर के लिए कई ट्रेनों का ठहराव होता है। इस वजह से बड़े शहरों में काम और पढ़ाई के लिए रहने वाले लोगों का देर रात अचानक हुजूम उमड़ पड़ा लेकिन रेलवे की बदइंतजामी ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। होली के बाद यात्रियों की भीड़ बढ़ने की जानकारी के बावजूद बेहतर व्यवस्थाएं नजर नहीं आईं। सबसे अधिक समस्या यात्रियों को टिकट लेने में हुई। टिकट के लिए लगी कतार स्टेशन परिसर को पार कर सड़क तक जा पहुंची।
भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त काउंटर खोले जाने चाहिए थे लेकिन एक अनारक्षित टिकट काउंटर ही संचालित रहा। इतना ही नहीं लाखों की लागत से लगाई गईं ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें भी बंद रहीं। घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण कई यात्रियों की ट्रेनें छूट गईं। वहीं, चेकिंग के डर के बावजूद कुछ यात्री मजबूरी में बिना टिकट ही कोच में सवार होने को मजबूर दिखे।
यात्रियों की सुरक्षा भी भगवान भराेसे
शुक्रवार देर रात यात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर एक भी जवान नजर नहीं आया। भीड़ के बावजूद प्लेटफार्म पर आरपीएफ का कोई भी जवान न तो गश्त करते दिखा और न ही संवेदनशील स्थानों पर चौकसी करते मिला। इतना ही नहीं जीआरपी की ओर से एक भी सिपाही सर्कुलेटिंग एरिया और परिसर में मुस्तैद नहीं मिला। ऐसे में अगर भीड़ में कोई विवाद या हादसा हो जाए तो स्थिति संभालने वाला कोई नहीं है।
फर्श पर बैठने को मजबूर यात्री
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रेलवे प्लेटफार्म के सुधरीकरण के बावजूद प्रतीक्षालय अभी तक नहीं बना है। बेंच और कुर्सियां पड़ी हैं तो वह भी नाकाफी साबित हो रही हैं। ऐसे में यात्रियों को ट्रेन के इंतजार में फर्श पर ही बैठना पड़ता है।
यात्रियों की भीड़ बढ़ने के बाद रेलवे स्टेशन पर दो काउंटरों का संचालन शुरू करवा दिया गया है। एटीवीएम वेंडरों को भी रात में रोस्टर से बैठने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रियों को परेशान न होना पड़े। -अंबुज मिश्रा, सीएमआई