फोटो-21-गौरी खालसा में जुलूस निकालते लोग। संवाद
बेहंदर। कासिमपुर थाना क्षेत्र के गौरी खालसा और घुघेरा गांव में रविवार की शाम शियाओं ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामनेई की शहादत पर गम और गुस्से का इजहार किया। शाम को रोजा इफ्तार के बाद बड़ी संख्या में जमा हुए शिया युवाओं ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया।
इमामबाड़े के पास जमा शिया मुस्लिमों ने कहा कि इस्राइल और अमेरिका ने ईरान पर कायराना हमला किया है। आयतुल्ला खामनेई ने पीठ नहीं दिखाई। उनकी शहादत से दुनिया में मजलूमों के हक में उठने वाली आवाज खामोश नहीं हुई है। अब उनके उत्तराधिकारी इस आवाज को बुलंद करेंगे। दुनिया ने देख लिया है कि इस्राइल और अमेरिका ही असली दहशतगर्द हैं। लोगों ने सुप्रीम लीडर खामनेई की तस्वीरों के साथ मजलूमों के समर्थन और जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की। शिया समुदाय के लोगों ने मातम करते हुए खामनेई की शहादत को सलाम किया।
शिया और सुन्नियों ने खामनेई की शहादत को पेश किया सलाम
संडीला। नगर में हवेली इमामबाड़ा में आपसी एकता और सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए शिया और अहले सुन्नत समुदाय के लोगों ने संयुक्त रूप से शोक सभा कर खामनेई की शहादत को सलाम पेश करते हुए अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ प्रदर्शन किया। हवेली इमामबाड़ा में हुए कार्यक्रम में अंजुमन रिजविया और अंजुमन सिब्तेनिया के सदस्यों ने शहीद अयातुल्ला अली खामनेई की शहादत को सलाम पेश किया। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों की कुर्बानियां हमेशा इंसानियत को जिंदा रखती हैं।
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