केंद्र सरकार द्वारा यूपीए सरकार के शासनकाल में लाए
गए भूमि अधिग्रहण बिल में अध्यादेश लाकर किसान विरोधी संशोधनों को वापस
लेने की मांग को लेकर यूथ कांग्रेसियों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने
शुक्रवार को गवर्नर को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर
सिंह को सौंप कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कांग्रेसियों ने प्रदर्शन करते
हुए नारेबाजी की।
प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव अभिषेक सिंह पटेल ने
कलक्ट्रेट में ज्ञापन से पूर्व क हा कि केंद्र सरकार ने कांग्रेस नेतृत्व
की यूपीए सरकार के शासनकाल में देश के किसानों के हितों को ध्यान में रखते
हुए भूमि अधिग्रहण बिल पास किया था। जिसमें स्पष्ट व्यवस्था थी कि किसी भी
राज्य सरकार, औद्योगिक घराना एवं प्राइवेट संस्थान को किसानों की जमीन
अधिग्रहण करने से पहले उनकी सहमति लेनी पड़ेगी।
बिना किसान की सहमति से
भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा सकता। किसानों को अपनी जमीन का बाजार मूल्य से
चार गुना कीमत का भुगतान प्राप्त करने का अधिकार दिया था, पर भाजपा शासित
केंद्र सरकार ने किसान हितों को अतिक्रमित करते हुए भूमि अधिग्रहण बिल को
अध्यादेश से असंवैधानिक ढंग से संशोधित कर पूंजिपतियों, उद्योगपतियों को
फायदा पहुंचाने का कार्य कर रही है।
लोकसभा क्षेत्र हरदोई अध्यक्ष आशीष
सिंह ने भाजपा सरकार के इस किसान विरोधी कार्य की निंदा करते हुए कांग्रेसी
किसान हितों की रक्षा के लिए इस काले अध्यादेश को वापस दिलाने की मांग की।
कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो कृ षकों के अधिकारों के लिए सत्याग्रह,
धरना प्रदर्शन, चक्का जाम व भूख हड़ताल करने को विवश होना पड़ेगा।
इस दौरान
कांग्रेसियों ने एक राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौं
कार्रवाई कराने की मांग की। इस मौके पर मिश्रिख लोकसभा अध्यक्ष अशोक सिंह,
ओमेंद्र कुमार वर्मा, दीपेंद्र सिंह, भुवनेश प्रताप सिंह, दीपेंद्र सिंह,
रीता सिंहराम सिंह, मनीष कुमार सिंह, मुन्ना बाबा, अखिलेश कुमार, अजय सिंह
और आदेश बाजपेई आदि मौजूद थे।