जनपद में विकास कार्य अब सिर्फ हाकिम और आला अधिकारियों को दिखाने भर तक समिति होकर रह गए। शासन की प्राथमिकता वाले समग्र ग्रामों में भी विकास कार्य खानापूर्ति तक सीमित रह गए। यही वजह है कि पहले तो काम कराया नहीं जाता है जब कोई आला अफसर का निरीक्षण होता है तो दो दिन में काम पूरा हो जाता है। ऐसा ही कुछ एक बार फिर जनपद में हो रहा है।
मत्स्य एवं पशुधन प्रमुख सचिव रजनीश गुप्ता मंगलवार को जिले में आकर चार निर्धारित स्थलों पर विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन और समीक्षा बैठक करेंगे। जिसको लेकर निर्धारित स्थलों की कुछ ही दिन में फिजा ही बदल दी गई। विकास खंड सुरसा का भैनामऊ गांव जहां बीते आठ सालों से बिजली नहीं थी वहां चार दिन से लोगों के घर रोशन हो रहे हैं। सीएचसी हरियावां में अभी तक लोगों को बैठने के लिए स्टूल नहीं था वहां अब बिस्तरों पर सफेद चादर बिछ़ी हुई है। चिकित्सक तो पूरे दिन अस्पताल में नजर आते हैं वहीं व्यवस्थाएं भी चकाचक हो गईं। इसी प्रकार संडीला तहसील में भी निरीक्षण को लेकर चाक चौबंद व्यवस्थाओं मे अधिकारी दिन रात एक किए हुए और पिहानी-चपरतला मार्ग को अधिक से अधिक पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
चार दिन में भैनामऊ का हो गया काया पलट
विकास खंड सुरसा का समग्र ग्राम भैनामऊ में चयन के बाद जितना कार्य नहीं कराया गया उतना कार्य तो महज चार दिन में हो गया। गौरतलब हो कि भैनामऊ गांव में स्थलीय सत्यापन के साथ ही प्रमुख सचिव रात्रि विश्राम कर चौपाल भी लगाएंगे। ऐसे में गंाव की काया पलट कर दी गई। गांव में आठ साल बाद बिजली आपूर्ति कर घरों को रोशन कर दिया गया। बताया गया कि गांव में सिर्फ 15 से 20 कनेक्शन थे। इनमें रामकृपाल, सुरेशचंद्र, रामेश्वर, कामता प्रसाद, सुआनंद और कल्लू आदि के कनेक्शन कराने के बाद गांव से 10 किमी दूर सुरसा उपकेंद्र से बिजली दी गई लेकिन बाद में चार किमी दूर कराही उपकेंद्र से जोड़ने की बात कहकर आपूर्ति बंद कर दी गई। कराही से जोड़ने को खंभे लगाए गए लेकिन कभी तार नहीं लगे लेकिन अब एक बार फिर सुरसा उपकेंद्र से आपूर्ति जोड़ दी गई। इसके अलावा गांव में जगह जगह कूड़ेदान लगाए गए और सुबह शाम सफाई कराई जा रही है। साथ ही पगडंडियां बनवा दी गईं।
योजना में उपेक्षा से आक्रोशित हैं ग्रामीण
समग्र ग्राम होने के बावजूद गांव के जरूरतमंद अभी योजनाओं से वंचित हैं। गांव के लोगों का कहना है कि समाजवादी पेंशन और लोहिया आवास योजना से लोगों को लाभ ही नहीं मिला, जबकि गांव में तमाम लोग ऐसे हैं जो बीपीएल श्रेणी में हैं और पात्र हैं। जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है, लेकिन अब गांव में अ आला अफसर आ रहे हैं ऐसे में ग्रामीण उन तक अपनी बात पहुंचाने के साथ ही उपेक्षा के खिलाफ भी आवाज बुलंद कर सकते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मिलने लगीं दवाएं
हरियावां। प्रमुख सचिव विकास खंड हरियावां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण करेंगे। उनका निरीक्षण प्रस्तावित होते ही सीएचसी की आबोहवा ही बदल गई। जहां अभी तक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक और अन्य स्टाफ के आने का कोई समय नहीं था। वहीं अब चिकित्सक 10 बजने से पहले पहुंच रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि सीएचसी पर दवाओं का टोंटा बना रहता था लेकिन अब तो दवाएं भी मिल रही हैं। अस्पताल में मरीजों के लिए बेड लग गए हैं और उन पर सफेद चादरें भी बिछ़ा दी गईं। इतना ही नहीं साफ सफाई भी कर दी गई और जगह जगह कूडे़दान भी लगा दिए गए। प्रमुख सचिव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं चकाचक कर दी गईं।
चोक नाले से उठ रही दुर्गंध
संडीला-प्रस्तावित ग्राम न्यायालय के निरीक्षण हेतु प्रमुख सचिव के आने की सूचना के बाद भी तहसील प्रंागण में जगह जगह कूडे़ के लगे ढेरों को हटाया जा रहा है लेकिन तहसील प्रांगण के सामने से निकलने वाला नाला पिछले कई महीनों से चोक पड़ा हुुआ है। जिसमें से दुर्गंध आती रहती हैैं अभी तक उसे साफ कराए जाने की आवश्यकता नही समझी गई है।