हरदोई। खुद को प्रमुख सचिव बताकर पुलिस अधिकारियों से अवैध वसूली और धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने आगरा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनका एक साथी फरार है। गिरफ्तार तीनों लोगों को जेल भेज दिया गया।
शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में एसपी अमित कुमार ने बताया कि बीती एक जुलाई को सुरसा के प्रभारी निरीक्षक राज करन शर्मा के सीयूजी नंबर पर कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को प्रमुख सचिव लखनऊ बता थाना क्षेत्र के अपराधों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक को निर्देश दिए कि सेमरा चौकी के प्रभारी से तत्काल बात करने को कहें। चौकी प्रभारी जावेद अख्तर ने संबंधित मोबाइल नंबर पर कॉल की। खुद को प्रमुख सचिव बताने वाले ने कहा कि तुम्हारा ट्रांसफर गोरखपुर जोन कर रहा हूं। तुम्हें कई साल हो गए हैं और तुम्हारी पैसे लेने की शिकायत है। साथ ही एक लाख रुपये की व्यवस्था तत्काल करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद सेमरा चौकी प्रभारी के पास फिर से दो बार फोन आया, तो उन्हें शक हुआ। छानबीन की गई तो फोन करने वाला व्यक्ति विवेक चौधरी पुत्र विजय बहादुर निवासी मढ़ेपुरवा थाना बाह जनपद आगरा का निवासी निकला। एसपी ने बताया कि विवेक चौधरी दो साथियों आगरा जनपद के पिढोरा थाना क्षेत्र के ग्राम नगरिया निवासी भारतवंशी पुत्र संतोष कुमार और श्रीकांत पुत्र राम गोपाल के साथ मिलकर अफसरों के साथ धोखाधड़ी और धन उगाही करता था। स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और सुरसा पुलिस ने शुक्रवार तड़के चार बजे हरदोई बस अड्डे से विवेक चौधरी, भारतवंशी और श्रीकांत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान राहुल पाठक निवासी लखनऊ का नाम भी प्रकरण में आया है। एसपी ने बताया है कि राहुल पाठक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। राहुल पाठक ही विवेक चौधरी को फर्जीवाड़े के तरीके और मोबाइल नंबर की जानकारी देता था। एसपी ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम में सुरसा के प्रभारी निरीक्षक राजकरन शर्मा, उपनिरीक्षक कमरूद्दीन खां, श्याम बाबू, स्वाट टीम के उप निरीक्षक अरविंद यादव, सिपाही होरीलाल, समीर, अभिनंदन, ओमकार के अलावा सर्विलांस सेल के सिपाही सुभाष मौर्य और सुरसा के सिपाही दीपांश छौकर की भी अहम भूमिका रही।
फोटो 16- गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसपी अमित कुमार। संवाद