फोटो-13- मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज पर हाथ से पंखा डुलता तीमारदार। संवाद
हरदोई। उमस भरी गर्मी के बीच सोमवार को मेडिकल कॉलेज की बिजली आपूर्ति तीन घंटे तक बाधित रही। मरम्मत कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए यह आपूर्ति काटी गई थी। इससे इमरजेंसी समेत पूरे परिसर की बिजली ठप हो गई, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली सुबह नौ बजे के करीब काटी गई और दोपहर 12 बजे के बाद ही सुचारू हो सकी। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज उमस से बेहाल हो गए। पंखे और कूलर बंद होने से वार्डों में बेचैनी का माहौल रहा। मरीज पसीने से तर-बतर हो गए और तीमारदार हाथ पंखों से हवा करते दिखे। गंभीर मरीजों को और भी अधिक दिक्कतें हुईं। परिसर में बने पर्चा काउंटर के कंप्यूटर बंद हो गए। मरीजों के लिए मैनुअल पर्चे बनाने पड़े, जिससे लंबी लाइनें लग गईं। मेडिकल कॉलेज में इन दिनों चारों तरफ मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा है। मुख्य प्रवेश द्वार के पास बने रोगी सहायता केंद्र को बेहतर बनाने के लिए तोड़ा जा रहा है। बिजली के तार कक्ष के पास से निकले होने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर आपूर्ति बंद की गई थी।
इमरजेंसी में अभी भी नहीं वैकल्पिक व्यवस्था
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी आज भी वैकल्पिक ऊर्जा का कोई स्रोत नहीं है। बिजली जाते ही पूरा इमरजेंसी वार्ड अंधेरे में डूब जाता है। इसमें सबसे अधिक दिक्कत गंभीर रूप से भर्ती मरीजों को होती है। ओटी में बिजली न होने से मरीजों का समय से उपचार तक नहीं हो पाता है। बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था न होना या समय पर जनरेटर चालू न कर पाना मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
वर्जन
सुरक्षा की दृष्टि से बिजली आपूर्ति बंद करवाई गई थी। इमरजेंसी में वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था के लिए प्रयास जारी है। वैसे भी मेडिकल कॉलेज की 24 घंटे आपूर्ति व्यवस्था जल्द हो जाएगी। इमरजेंसी में भी वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य
फोटो-13- मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज पर हाथ से पंखा डुलता तीमारदार। संवाद