फर्रुखाबाद के कायमगंज से लौटते वक्त राज्यपाल नगर के मोहल्ला मौलागंज
निवासी डा. छाया शुक्ला के आवास पर पहुंचे। वहां पर पत्रकारों से बातचीत
में कहा कि नौजवानों को सिस्टम के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। राजनैतिक दलों
ने टिकट वितरण की दुकानें खोल रखी हैं जिसका फायदा ऊं चे तबके के लोग उठा
रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गरीब का संसद तक पहुंचना एक सपना के समान है यह
महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की संसद नहीं हो सकती।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि राजनेताओं का उद्देश्य जनसेवा का होना
चाहिए लेकिन आज इसमें बदलाव आ गया है अब राजनीति पूरी तरह से स्वार्थी हो
गई है। उन्होंने कहा कि राजनेताओें के मतभेद चुनाव तक ही सीमित रहने चाहिए
उन्हें बहुमत का आदर करना चाहिए।
आतंकवाद, जातिवाद और संप्रदायवाद के खिलाफ
दलीय भावना से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि स्वच्छ,
स्वस्थ और प्रगतिशील राजनीति से देश के स्वरूप मेें और निखार आएगा।
उन्होंने महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के देश की
आजादी में किए गए योगदार की सराहना करते हुए कहा कि उन लोगों ने जिस
लोकतंत्र के मंदिर का सपना देखा था वह पूरा नहीं हुआ।
कुछ देर वार्ता के
बाद उन्होंने अधिकारियों से वार्ता की फिर लखनऊ के लिए रवाना हो गए। देर
शाम सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खाँ भी उत्तराख्ंाड लोक सेवा आयोग की सदस्य
डा. छाया शुक्ला के आवास पर पहुंचे और उनकी माता के निधन के बाद पहली होली
पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।