फोटो 22: एनआरएलएम के मेले में स्टॉल पर मोबाइल सोडा शाॅप के साथ पूनम देवी। स्रोत : विभाग
हरदोई। सांडी देहात के मजरा खंड मिर्जापुर निवासी पूनम देवी की दिनचर्या कभी घर की चौखट के अंदर घरेलू कामकाज तक ही सीमित थी। पति खेतीबाड़ी करते थे। गृहस्थी चल रही थी। संघर्ष के दिनों से बाहर निकलने के लिए साल 2020 में उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर गांव की महिलाओं का समूह बनाया। अब मोबाइल सोडा शॉप का संचालन कर आत्मनिर्भर बनी हैं। आमदनी होने से घर में समृद्धि आई है।
खंड मिर्जापुर निवासी पूनम देवी ने बताया कि शादी के बाद उनकी दिनचर्या घर के कामकाज तक ही सिमट कर रह गई थी। परिवार में पति धर्म सिंह कुशवाहा की ही कमाई पर गृहस्थी की जिम्मेदारी थी। दो बेटियों की पढ़ाई और गृहस्थी की जिम्मेदारी में हाथ बंटाने के लिए उन्होंने भी घर की दहलीज के बाहर कदम निकालने और आत्मनिर्भर बनने के संघर्ष के साथ ही संकल्प भी लिया। साल 2020 में गांव की 10 महिलाओं को जोड़कर मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह बनाया। समूह में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी खुद संभाली जबकि लीलावती को सचिव और फूलमती को कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी।
बताया कि शुरुआत में महिलाओं से छोटी-छोटी बचत कराई, समय के साथ समूह के कामकाज ने गति पकड़ी। खुद का काम करने का निर्णय लिया और समूह से ही 2,70,000 रुपये ऋण लिया और बाकी के रुपये खुद से लगाकर मोबाइल सोडा शॉप का संचालन शुरू किया। बताया कि शुरुआत में संघर्ष करना पड़ा लेकिन अब वह काम निखर गया है। मोबाइल सोडा शॉप को एनआरएलएम के मेले, गांव के मेलों के साथ ही आमदपुर, गढ़ी, जगदीशपुर आदि स्थानीय बाजारों में ले जाती हैं। बताया कि बिक्री अच्छी होने से आमदनी भी बढ़ी है जिससे वह अपनी दो बेटियों की पढ़ाई और गृहस्थी को सही प्रकार से संभाल रही हैं।
एनआरएलएम से जुड़कर गांव की महिलाएं स्वरोजगार लगाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाएं खुद को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अच्छा काम कर रही हैं। ऐसे ही सांडी देहात के मजरा खंड मिर्जापुर की पूनम देवी ने भी मोबाइल सोडा शॉप संचालित कर खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। -कपिल कुमार, जिला मिशन प्रबंधक