फाटो-18-अखिलेश पाठक। आर्काइव
लखनऊ में सपा मुखिया करेंगे पार्टी में शामिल
शाहाबाद से एक बार भाजपा और एक बार निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं अखिलेश
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जिले के राजनीतिक समीकरणों में आज बड़ा बदलाव हो जाएगा। जिला पंचायत के पूर्व सदस्य और शाहाबाद से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके अखिलेश पाठक मंगलवार को सपा में शामिल हो जाएंगे। पिछले कई माह से सपा नेताओं के साथ उनकी नजदीकियां देखी जा रही थीं। खुद अखिलेश पाठक ने सपा में शामिल होने की पुष्टि की है।
वर्ष 2005 में शाहाबाद प्रथम से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए अखिलेश पाठक को जमीनी आदमी माना जाता है। शाहाबाद और सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में उनका व्यक्तिगत प्रभाव है। वर्ष 2012 में वह शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। वर्ष 2017 और 2022 के चुनाव में भी वह टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया था। वर्ष 2022 के चुनाव में वह निर्दलीय ही चुनाव लड़ गए थे। सफलता न मिलने पर भी वह क्षेत्र में लगातार सक्रिय थे। पिछले कुछ माह से उन्हें सपा के मंचों पर भी देखा जा रहा था। अब औपचारिक तौर पर वह सपा में शामिल होंगे। संवाद न्यूज एजेंसी को अखिलेश पाठक ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने वह सपा की सदस्यता लेंगे। दावा किया कि सवायजपुर और शाहाबाद के लोग भी बड़ी संख्या में उनके साथ सपा में शामिल होंगे।
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सवायजपुर और शाहाबाद से दावेदारी की चर्चा जोरों पर
यूं तो अखिलेश पाठक दो बार शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन इस बार उनके सवायजपुर से दावेदार होने की चर्चाएं चरम पर हैं। दरअसल सपा से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि इस बार पार्टी सवायजपुर सीट से ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगाना चाहती है और इस लिहाज से फिलवक्त अखिलेश पाठक ही बड़ा चेहरा हैं। हालांकि ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगाते समय पार्टी एक बार वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव का परिणाम भी याद करेगी। तब सपा ने सवायजपुर से पूर्व मंत्री डॉ. अशोक वाजपेयी को लड़ाया था लेकिन वह तब बसपा प्रत्याशी रजनी तिवारी के सामने जमानत गंवा बैठे थे।