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7 वें दिन खाकी का एक्शन मोड, नहीं माने तो चले बेंत

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सिनेमा चौराहे पर स्कूटी सवार को समझाते सीओ सिटी विजय राना। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। लॉकडाउन के सातवें दिन पुलिस ने सुबह से ही सख्ती दिखाई। एक्शन मोड में आई पुलिस ने बेवजह बाहर निकले लोगों के वाहनों में सूजे घोंप दिए।न मानने वालों पर लाठियां भी चलाईं। जिसका नतीजा ये रहा कि दोपहर होते-होते सड़क और चौराहे सुनसान नजर आए। लोग वाहनों के लिए तरस गए। सीओ सिटी विजय राना ने मय फोर्स के सिनेमा चौराहे सहित कई चौराहों का निरीक्षण किया। भूले भटके जो आया उसे हिदायत भी दी। शहर में कुछ ऐसे हालात दिखे।
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काहे बाहर निकले, अब खींचो बाइक
सोमवार तक मित्र पुलिस बनी पुलिस मंगलवार को सिनेमा चौराहे पर आक्रामक मूड में दिखी। वाहन देखते ही पहले उनसे निकलने का कारण पूछा गया। वाजिब कारण न मिलने पर बिना देरी के सिपाहियों ने सूजे से उनके वाहन पंक्चर कर दिए।
कहां जा रहे हो, कारण बताओ!
सिनेमा चौराहे पर पुलिस लिखी एक बाइक को भी पुलिस ने ही रोक लिया। बाइक सवार पुरुष व महिला से पुलिस कर्मी ने सवाल पूछा कि बीमार कौन है। इस पर पुरुष ने जवाब दिया मेरी पत्नी। पुलिस ने कहा कि तो सिर्फ पत्नी को भेजो। उसने कहा कि पत्नी को लेकर ही जा रहा हूं। इस पर पुलिस कर्मियों ने उसे जाने दिया।
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जल्दी निकलो नहीं तो क्लास लगेगी
मंगलवार को ऐसी सख्ती होगी, इसको लोग समझ ही नहीं पाए। सुबह सात से आठ बजे तक कुछ वाहन दिखे लेकिन इसके बाद सन्नाटा छा गया। इसके बाद जो भी निकला पुलिस ने उसकी क्लास ले ली।
दूसरों की चिंता में चल पड़ीं अस्पताल, इन्हें कौन समझाए
अब इन्हें क्या कहेंगे। घर में बेटा, बहू सहित सभी सदस्यों के होते हुए भी रद्धेपुरवा रोड निवासी 80 वर्षीय वृद्धा मानीशला विवाहित पुत्री के किसी बीमार ससुराली को देखने जिला चिकित्सालय ऐसे ही निकल पड़ीं। जिला चिकित्सालय जैसे-तैसे पहुंचीं लेकिन वहां बीमार की छुट्टी हो चुकी थी। इनकी हालत जिसने भी देखी यही कहा कि कम से कम घर के सदस्यों को तो वृद्धा को समझाना चाहिए।
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