हरदोई। कहने को तो शुद्ध जलापूर्ति के लिए अमृत योजना से पाइपलाइन और कनेक्शन का काम कराया गया है। मोहल्ला पेनीपुरवा में अमृत योजना की पाइपलाइन बदबूदार, कीड़ेयुक्त गंदा पानी उगल रही है। अमृत योजना से शुद्ध जलापूर्ति के दावे की पोल पाइपलाइन ने खोल कर रख दी है। पेनीपुरवा में नाले के किनारे के मकानों के साथ मोहल्लों में भी गंदा पानी आ रहा है। वहीं पाइपलाइन से आने वाले पानी को कपड़े से छानकर घरेलू उपयोग में लाया जा रहा है। मोहल्लेवासियों को पीने और नहाने के लिए पानी हैंडपंपों से लाना पड़ता है।
शहर के मोहल्ला पेनीपुरवा की आबादी करीब पांच हजार होगी। यहां पर अमृत योजना में जलापूर्ति के लिए भूमिगत पाइपलाइन डलवाई गई थी। पाइपलाइन से घरों को कनेक्शन दिए गए थे। खास बात यह है कि इन कनेक्शनों को दिए जाने में भी औपचारिकता निभाई गई। कनेक्शन के नाम पर पाइप तो मकान के पास लाया गया लेकिन इनमें से अधिकांश मकानों में टोंटी नहीं लगाई गई। टोंटी न लगी होने के कारण लोगों ने प्लास्टिक के पाइप के सहारे घरों के अंदर तक पानी पहुंचाने का जुगाड़ किया है।
पेनीपुरवा को अमृत योजना से खदरा रेलवे क्रॉसिंग के पास बनवाई गई ओवरहेड टंकी और पंप से जलापूर्ति दी जाती है। देखा जाए तो दूरी भी अधिक नहीं है लेकिन पानी का प्रेशर कम रहता है और गंदा पानी आने से लोगों के किसी काम का भी रहता। लोग पानी को कपड़े से छानकर बर्तन और कपड़े आदि धोने के काम में लेते हैं जबकि पीने के लिए मोहल्ले में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप से पानी लाने को विवश हैं। कई लोग नहाने के लिए भी इंडिया मार्का हैंडपंप के पानी का उपयोग कर रहे हैं।
इनकी सुनिए :
मोहल्ला पेनीपुरवा निवासी सरस्वती के मुताबिक भूमिगत पाइपलाइन डलवाए जाने के समय शुरुआत में मोटा पाइप डाला गया और इसके बाद पतला पाइप डाला गया, इससे प्रेशर से पानी नहीं आता है। जब जलापूर्ति मिलती है तब गंदा और बदबूदार पानी ही आता है। जिम्मेदारों को कई बार बताया गया और इसकी शिकायत भी दर्ज कराई गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
पूजा गुप्ता ने बताया कि पाइपलाइन से गंदा पानी आने से हैंडपंप से पानी भरना अब तो दिनचर्या जैसा हो गया है। ऐसा लगता है कि पाइपलाइन है ही नहीं। कीड़ेयुक्त गंदे पानी को कपड़े से छानकर दूसरे कामों में उपयोग में लाया जाता है। बस किसी तरह से हैंडपंप से पानी भरकर समस्या का समाधान निकाला गया है, जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मोहल्ला निवासी सुधा ने बताया कि पाइपलाइन का काम जब हो रहा था तो शुद्ध पानी की आपूर्ति की उम्मीद जगी थी लेकिन कनेक्शन देने में ही मनमानी कर दी गई। मकान के बाहर पाइप बिना टोंटी के ही खुला छोड़ दिया गया। मजबूरन प्लास्टिक पाइप जोड़कर घर के अंदर तक पानी ले जाया गया, अब गंदा और कीड़ेयुक्त पानी आने से वह भी किसी काम का नहीं रह गया है।
आसिफ ने बताया कि पाइपलाइन में लीकेज, गंदा पानी आने आदि की दिक्कतों को बताने के बाद भी निकाय के जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं। इससे मोहल्लेवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। समस्या समाधान के नाम पर सिर्फ सड़क खोदकर भूमिगत पाइपलाइन को जांचने की औपचारिकता निभा दी जाती है। समस्या जस की तस बनी रहती है।
ऐसा संज्ञान में नहीं है,
अमर उजाला के माध्यम से जानकारी मिली है। इसकी तत्काल जांच करवाई जाएगी। कीड़ेयुक्त गंदे पानी की आपूर्ति से भूमिगत पाइपलाइन में लीकेज की आशंका है। पाइपलाइन को चेक कराने के साथ ही लोगों की समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। -एसके सिंह, अभियंता जलकल, नगर पालिका
फोटो 11: मोहल्ला पेनीपुरवा में ड्रम में रखा गंदा पानी। संवाद- फोटो : सांकेतिक
फोटो 11: मोहल्ला पेनीपुरवा में ड्रम में रखा गंदा पानी। संवाद- फोटो : सांकेतिक
फोटो 11: मोहल्ला पेनीपुरवा में ड्रम में रखा गंदा पानी। संवाद- फोटो : सांकेतिक
फोटो 11: मोहल्ला पेनीपुरवा में ड्रम में रखा गंदा पानी। संवाद- फोटो : सांकेतिक
फोटो 11: मोहल्ला पेनीपुरवा में ड्रम में रखा गंदा पानी। संवाद- फोटो : सांकेतिक
फोटो 11: मोहल्ला पेनीपुरवा में ड्रम में रखा गंदा पानी। संवाद- फोटो : सांकेतिक