= बिजली पोल लगाते समय कटर की चपेट में आने से फटी थी पीएनजी पाइपलाइन,
= यातायात, बिजली आपूर्ति और दुकानों को कराया गया बंद
= पाइप फटते ही होने लगा गैस रिसाव, विद्युत निगम की टीम मौके से खिसक ली
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। विभागों में आपसी समन्वय की कमी से सोमवार को शहर का रेलवेगंज आग का गोला बन सकता था। रेलवेगंज में बिजली पोल लगाए जाने के दौरान ट्रैक्टर से कटर (अर्थ औगर मशीन) के माध्यम से गड्ढा बनाए जाने के दौरान पीएनजी पाइपलाइन फट गई। तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस का रिसाव होते देख विद्युत निगम की टीम और फर्म के कर्मी मौके से खिसक लिए। गैस रिसाव से लोगों और दुकानदारों में खलबली मच गई। हादसा से बचाव के दृष्टिगत करीब डेढ़ घंटा तक क्षेत्र की दुकानों, यातायात और बिजली आपूर्ति को बंद करा दिया गया। लोगों और अधिकारियों की सजगता से हादसा टल गया।
जिंदपीर चौराहा से स्टेशन रोड पर विद्युत निगम की टीम नगर सहकारी बैंक के सामने दूसरे छोर के फुटपाथ पर विद्युत पोल लगाने के लिए करीब 11:40 बजे करीब चार फीट गहराई में गड्ढा खोदाई कर रहे थे इसी दौरान पाइप से गैस का रिसाव होने लगा। तेज आवाज के साथ गैस रिसाव होते ही विद्युत निगम की टीम भाग गई। टीम को भागते और गैस रिसाव की आवाज से दुकानदारों में हादसा की आशंका से खलबली मच गई। जिला अग्निशमन अधिकारी शिवराम यादव के नेतृत्व टीम मौके पर पहुंची।
जिंदपीर चौराहा और पुलिस चौकी चौराहा तक यातायात रोककर दुकानों और बिजली आपूर्ति को बंद कराया गया। एचपीसीएल ने आवास विकास कालोनी में बनाए गए चैंबर से गैस की आपूर्ति को ठप कर दिया। नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार, सदर एसडीएम गुलाब चंद, सीओ सिटी अजीत चौहान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेश प्रताप सिंह भी मौके पर आ गए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
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चार किलोग्राम गैस का पाइपलाइन में था दबाव
रेलवेगंज में भूमिगत पीएनजी पाइपलाइन से अभी घरों को कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। पाइपलाइन में गैस की आपूर्ति दी जा रही है। सोमवार को हादसा के समय पाइपलाइन में चार किलोग्राम गैस का दबाव था। एचपीसीएल के अभियंता उवैस खां ने बताया कि पीएनजी के दबाव से पाइप में छेद होते ही तेज आवास के साथ गैस निकलने लगी। आपूर्ति बंद किए जाने के बाद भी गैस का रिसाव धीरे-धीरे कम हो गया। बताया कि पूरी तरह से गैस निकलने में अभी डेढ़ से दो घंटे का समय और लग सकता है। इसी के बाद करीब एक मीटर चौड़ा गड्ढा खोदकर क्षतिग्रस्त पाइप का हिस्सा बदला जाएगा। मरम्मत में भी तीन से चार घंटे लग सकते हैं।
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पीएनजी पाइपलाइन का रूट मैप तलब
नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने बताया कि विद्युत निगम की तरफ से खंभा लगाने के लिए खोदाई की जा रही थी, इससे ही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई। विद्युत कर्मियों को एक बार कंपनी से समन्वय कर लेना चाहिए था, जो नहीं किया गया। बताया कि 21 अक्तूबर को एचपीसीएल और अन्य गैस कंपनियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें शहर में भूमिगत डाली गई पीएनजी पाइपलाइन का रूट मैप भी मंगवाया गया है। ताकि भविष्य में खोदाई से पहले सावधानी बरती जा सके।
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बिजली के लिए परेशान हुए लोग
पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होते ही रेलवेगंज की बिजली आपूर्ति भी ठप करा दी गई। करीब डेढ़ घंटे के अंतराल पर आपूर्ति बहाल कराई जा सकी। इससे रेलवेगंज फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के लिए तरसना पड़ा। वहीं जिंदपीर चौराहा से रेलवेगंज पुलिस चौकी तक यातायात को रोकने के लिए सड़क बेरीकेडिंग लगाई गई। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
फोटो-11- स्टेशन रोड पर इसी गड्ढे से लीक हुई गैस पाइप लाइन। संवाद
फोटो-11- स्टेशन रोड पर इसी गड्ढे से लीक हुई गैस पाइप लाइन। संवाद