शाहपुर सैयदां गांव में जंगली जानवर की आहट से
ग्रामीण दहशत में है। शुक्रवार की रात एक घर के बाहर बंधेे पशुओं पर हमला
करते हुए जंगली जानवर एक को मारकर खा गया। सुबह जानवर की हड्डियां और
खोपड़ी मिलने से लोग सन्न रह गए। घर से खेतों की ओर जाने वाले गलियारे में
जंगली जानवर के पंजों के निशान मिले हैं।
सूचना पर पहुंची वन विभाग की
टीम ने पंजों के निशान की जांच की। वन रेंजर राम प्रकाश ने बताया कि जंगली
जानवर सियार हो सकता है, फिर भी ग्रामीण अलर्ट रहे। शुक्रवार की रात
खुशीराम अपने बाहरी छप्पर के नीचे सो रहे थे। पास में ही कई भैंस व बैल आदि
बंधे थे। चार बजे उठी उनकी पत्नी ने एक पड़िया की खोपड़ी व हड्डियां पड़ी
देखीं।
शोर मचने पर पूरा गांव जमा हो गया। कमलेश कुमार, रामाधार, बाबू,
श्रीपाल, श्रीचंद व महेंद्र आदि ने वहां से खेतों की ओर जाने वाले गलियारे
तक नम जमीन पर कुत्ते से भारी जानवर के पैरों के निशान देखे। कुछ लोगों ने
बताया कि रात को अकसर बोलने वाले सियार आदि की आवाजें भी पिछले कई दिनों से
सुनाई नहीं दे रही हैं।
रात को धमाचौकड़ी करने वाले कुत्ते और दूसरे जानवर
भी इधर उधर छिप जाते हैं। इन तमाम परिस्थितियों को देख ग्रामीण गांव
में किसी खूंखार जंगली जानवर की चहलकदमी से दहशत में हैं। किसानों ने खेतों
में अकेले काम करना भी बंद कर रखा है। ग्रामीण अपने बच्चों को भी भी खेतों
की ओर भेजने से कतरा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सूचना पर पहुंची वन
विभाग की टीम ने जंगली जानवर के पंजों के निशान और हालात का जायजा लिया।
टीम ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की बात कहते हुए पंजों के निशान की
फोटोग्राफी भी की। रेंजर पिहानी रामप्रकाश ने बताया कि ग्रामीणों को
सतर्कता के साथ रहने की हिदायत दी गई है।