विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को
आयोजित राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत में कुल 3,172 वाद निस्तारित कर 55 हजार
350 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। वहीं मोटर दुर्घटना प्रतिकर के आठ वाद
निस्तारित कर पक्षकारों को 31 लाख 92 हजार 234 रुपये मुआवजा राशि दिलवाई
गई, जबकि प्री लिटिगेशन कैंप में 100 वाद निस्तारित कर 71 लाख रुपये बैंक
ऋण वसूली के जमा कराए गए।
प्राधिकरण सचिव श्याम शंकर ने बताया कि लोक
अदालत में जिला जज नरेश जैन की कोर्ट में दो वाद निस्तारित हुए, जबकि एडीजे
प्रथम हरिहर प्रसाद यादव ने 9 वाद, एडीजे कमला सिंह यादव ने तीन वाद,
एडीजे सूबा सिंह ने छह वाद, एडीजे विजेंद्र कुमार की अदालत में 15 वाद,
एडीजे श्रीकांत वर्मा की कोर्ट में पांच वाद, एडीजे अल्का श्रीवास्तव ने दो
वाद, एडीजे रामसागर मिर्धा ने छह, एडीजे विशंभर प्रसाद ने पांच वाद
निस्तारित हुए।
एडीजे रामकुमार की कोर्ट में दो वाद, एडीजे रामकरन की अदालत
में एक वाद निस्तारित हुआ। प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट जगन्नाथ मिश्र
की कोर्ट में 14 वाद निस्तारित हुए। फौजदारी कोर्टों में मुख्य न्यायिक
मजिस्ट्रेट अतुल सिंह की ने 11 वाद निस्तारित कर सात हजार 800 रुपये
अर्थदंड वसूल किए।
एसीजेएम प्रथम अभय प्रताप सिंह की अदालत में 12 वाद
निस्तारित कर 11 हजार रुपये अर्थदंड, एसीजेएम चतुर्थ अनुराधा पुंडीर की
अदालत में 14 वाद निस्तारित कर 12 हजार, एसीजेएम पांच जहेंद्र पाल सिंह की
अदालत में 15 वाद निस्तारित कर 18 हजार 250 रुपये, जेएम प्रथम आदर्श
श्रीवास्तव की अदालत में 20 वाद निस्तारित कर 9 हजार रुपये, जेएम द्वितीय
यश पाल की अदालत में 14 वाद निस्तारित कर छह हजार 800 रुपये, सिविल जज
सीनियर डिवीजन प्रभानाथ त्रिपाठी की अदालत में 40 वाद निस्तारित हुए।
सिविल
जज जूनियर डिवीजन बृजेश कुमार यादव की अदालत में आठ वाद निस्तारित हुए।
सिविल जज जूनियर डिवीजन महेंद्र कुमार की अदालत में चार वाद निस्तारित हुए। तहसील
स्तर के न्यायालयों में दो हजार आठ सौ चौसठ वाद तथा विभिन्न बैंकों के
द्वारा आयोजित बैंक ऋण वसूली संबंधी प्री लिटिगेशन कैंप में 100 वाद
निस्तारित हुए।