संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मनरेगा मद से कराए जाने वाले विकास व निर्माण में प्रयोग होने वाली सामग्री की आपूर्ति करने वाली फर्मों का 21.59 करोड़ का भुगतान अटका हुआ है। फर्मों ने ब्लॉक व गांवों की ओर से कराए जाने वाले कामों के लिए सामग्री आपूर्ति दी थी।
मनरेगा में सामग्री मद के भुगतान के लिए नोडल अकाउंट में अलग से राशि जारी की है। रोजगार सृजन की प्राथमिकता के चलते कार्यों को कराए जाने के लिए सामग्री की खरीदारी की जाती है। 19 विकास खंडों में की गई खरीदारी में से सामग्री मद में फर्मों का 18.17 करोड़ रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों का एक करोड़ 41 लाख 11 हजार व राजमिस्त्री आदि का 49 लाख 65 हजार रुपये की देनदारी चल रही है। सामग्री मद का समय से भुगतान न होने से कार्यदायी संस्थाएं काम कराने से कतराती रहती हैं।
1.48 करोड़ टैक्स भी बकाया
मनरेगा मद में ली गई सामग्री पर सीजीएसटी व जीएसटी कटौती की भी की जाती है। सामग्री मद में बकाया चल रहे भुगतान के कारण टैक्स का भी भुगतान नहीं हो सका है। टैक्स का एक करोड़ 48 लाख 73 हजार का भी बकाया चल रहा है।
150 करोड़ रुपये सामग्री मद में बुधवार को हो सकते हैं जारी
मनरेगा में सामग्री मद में भुगतान के लिए अलग से राशि जारी किए जाने की व्यवस्था है। श्रम रोजगार उपायुक्त रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण एवं पंचायतीराज मंत्रालय की ओर से बुधवार को सामग्री मद में भुगतान के लिए प्रदेश को 150 करोड़ जारी किए जाने की जानकारी अधिकारियों ने दी है। नोडल अकाउंट में जारी होने वाली राशि से फंड ट्रासंफर ऑर्डर के सापेक्ष फर्म को सीधे खातों में भुगतान प्राप्त होगा।