फोटो-01- मेडिकल कॉलेज के वार्ड में कुछ इस तरह पड़े बेड। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में टूटे बेड मरीजों का दर्द बढ़ा रहे हैं। अस्पताल के मेडिसिन और सर्जिकल वार्ड में मरीजों को टूटे और जर्जर हो चुके बेडों पर भर्ती किया जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि मेडिकल कॉलेज के यह वार्ड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से भी गए गुजरे नजर आते हैं।
मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का दावा लगातार किया जा रहा है। इन दावों की हकीकत चौकाने वाली है। बेहद पुराने हो चुके बेडों का इस्तेमाल मरीज भर्ती करने के लिए किया जा रहा है। मरीजों की सुविधाओं को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। इतना ही नहीं वार्डाें में इस कदर बदबू आती है कि मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत कम मुसीबत ज्यादा होती है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को देखने आए तीमारदार भी यहां बदबू की वजह से बहुत देर नहीं रुक सकते।
मेडिसिन और सर्जिकल वार्ड समेत कई वार्डाें के बेड बदलने का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। बजट आते ही नए बेड खरीद लिए जाएंगे। जहां तक गंदगी और बदबू की बात है, वहां निर्देशित कर दिया गया है। कर्मचारियों से कहा गया है कि वह नियमित साफ-सफाई करें। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
फोटो-01- मेडिकल कॉलेज के वार्ड में कुछ इस तरह पड़े बेड। संवाद