हरपालपुर। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी मुसीबत में फंस गए हैं। सीएमओ के निर्देश पर बीती 16 मई को जांच टीम के निरीक्षण में गड़बड़ियों की पुष्टि हुई है। मरीजो को अस्पताल से बाहर की दवाएं लिखे जाने के साथ ही निशुल्क एक्सरे के लिए पचास रुपये वसूले जाने की पुष्टि हुई है। सीएमओ ने अधीक्षक समेत सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से जवाब तलब करते हुए रिपोर्ट विभागीय महानिदेशक को भेजी है।
बड़ा गांव निवासी राहुल गुप्ता और हरपालपुर निवासी नवीन कुमार ने सीएमओ से शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया था कि सीएचसी के चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवाएं लिखते हैं। इस शिकायत की जांच के लिए सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय ने टीम बनाई थी। इसमें एसीएमओ, डॉ. पंकज सचान, डिप्टी सीएमओ डॉ. हेमंत राजपूत और डाॅ. विनीत तिवारी शामिल थे। बीती 16 मई को टीम ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया था। उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक सीएचसी में तैनात डॉ. अजीतमणि औरडॉ. हसाननुद्दीन मरीजों को बाहर की दवा लिख रहे थे।
दंत चिकित्सक डॉ. आशीष तिवारी अपनी विधा से संबंधित मरीजों का उपचार न कर सामान्य मरीजों का उपचार कर रहे थे। दावा है कि वह भी बाहर से दवाइयां लिख रहे थे। कोई महिला चिकित्सक मौके पर मौजूद नहीं मिली थीं। सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को इंजेक्शन और दवाएं बाहर से ही मंगानी पड़ी थीं। एक्सरे टेक्नीशियन निशुल्क एक्सरे के लिए भी हर मरीज से पचास रुपये वसूल रहे थे। जांच आख्या के आधार पर सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय, समेत सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही स्वास्थ्य महादिनेशक को भी रिपोर्ट भेजी है।