- रेल पटरियों की मरम्मत के चलते 42 दिनों तक बंदा था संचालन
- हरदोई से डायवर्ट होकर जा रहीं ट्रेनें भी पुराना मार्ग पर लौटीं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। कानपुर में गंगापुल से लेकर सेंट्रल स्टेशन के बीच रेल की पटरियों की मरम्मत के लिए 42 दिनों से बंद मार्ग बृहस्पतिवार से बहाल कर दिया जाएगा। रेल रूट दोबारा शुरू होने से कानपुर तक जाले वाली पैसेंजर ट्रेनें एक बार फिर पटरियों पर दौड़ना शुरू कर देंगी। साथ ही मार्ग परिवर्तित कर चल रहीं ट्रेनें भी अपने पुराने रूट पर चलने लगेंगी। ट्रेन संचालन दोबारा पुरानी स्थिति में आने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
कानपुर से लखनऊ रूट पर कानपुर गंगापुल पर पटरियों के स्लीपर बदलने के लिए 42 दिनों का मेगा ब्लाक 20 मार्च से 30 अप्रैल तक के लिए लिया गया था। करीब 92 ट्रेनें प्रभावित हुई थीं। इनमें हरदोई स्टेशन पर रुकने वाली जम्मूतवी से कटरा ट्रेन संख्या 12469 और 12470 भी कानपुर से इटावा और दिल्ली होते हुए अंबाला कैंट जा रही थीं। बालामऊ से कानुपर के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 54335 व 54336 और सीतापुर से वाया बालामऊ होकर कानपुर जाने वाली ट्रेन 54325 और 54326 पैसेंजर ट्रेन निरस्त कर दी गई थीं।
ट्रेनें बंद होने और दूसरे मार्ग से जाने की वजह से यात्रियों को कानपुर तक सफर बस से करना पड़ रहा था। मेगा ब्लाक की समय सीमा समाप्त हो गई है और अब रेल मार्ग बृहस्पतिवार से दोबारा संचालित कर दिया जाएगा। ब्लाक समाप्त होते ही पैसेंजर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो जाएगा। मार्ग परिवर्तित होकर जा रही ट्रेन भी पुराने रूट से चलेंगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य रेल प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने बताया कि ब्लाक समाप्त होते ही ट्रेनों का संचालन पहले की तरह किया जाने लगेगा।
हरदोई रूट पर डायवर्ट की गई थीं 16 ट्रेन
कानपुर से होकर दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश और बिहार के दरभंगा व कटिहार जाने वाली करीब 16 ट्रेनों को लखनऊ से मुरादाबाद होते हुए दिल्ली से रवाना की जा रहीं थीं। मुरादाबाद डिवीजन के रूट से गुजर रहीं ट्रेनों में 12571 गोरखपुर-आनंद विहार, 12595 गोरखपुर- आनंद विहार, 25539 मऊ-आनंद विहार टर्मिनस, 24411-12 नाहरलागन से आंनद विहार अरूणाचंल एक्सप्रेस, 12003 लखनऊ- दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, 15025-26 मऊ-आनंद विहार टर्मिनस, 15557 दरभंगा- आनंद विहार टर्मिनस और 15075 कटिहार- दिल्ली चंपारन एक्सप्रेस थीं। यह ट्रेनें हरदोई स्टेशन से गुजर रहीं थीं लेकिन ठहराव नहीं हो रहा था। मेगा ब्लाक समाप्त होने से अब ट्रेनें पुराने रूट पर भेज दी गई हैं।