- डीएम ने प्रधान व वीडीओ से 15 दिन के अंदर साक्ष्य सहित मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांवों में कराए जाने वाले काम और भुगतान में न तो टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही और न ही कोटेशन लिए जा रहे हैं। गड़बड़ी की पुष्टि पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने विकास खंड हरपालपुर की ग्राम पंचायत अरवल की प्रधान और वीडीओ (ग्राम विकास अधिकारी) को नोटिस दी है। 15 दिन के अंदर साक्ष्य समेत जवाब मांगे हैं। प्रधान को चेतावनी दी है कि जवाब न आने व संतोषजनक न होने पर पंचायतीराज अधिनियम में वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई करनपुर, बेहटा भुड़िया और सुदनीपुर निवासी मान सिंह, मुनीश सिंह और कल्लू के शिकायती पत्र कराई गई जांच में गड़बड़ी की पुष्टि पर शुरू की है। डीएम ने अरवल प्रधान नेहा कुमारी और वीडीओ गौरव मिश्रा से जवाब-तलब किया है। साल 2021-22 में डामर रोड से गंभीरी नदी तक बनवाए गए 48 मीटर लंबाई वाले नाला के लिए 52 मीटर का भुगतान निकाला गया है। जांच समिति ने 3,36,032 रुपये के भुगतान में 25,848 रुपये की वसूली की संस्तुति की है। काम के टेंडर और कोटेशन पत्रावली में नहीं मिले। बरगदा पुरवा मुख्य मार्ग से लंकुश के मकान तक आरसीसी रोड साल 2022-23 में 4,54,200 रुपये से बनवाया गया। टेंडर में सीताराम ट्रेडर्स, अवस्थी ट्रेडर्स और बालाजी ट्रेडर्स के रेट समान दर्शाए गए हैं। जबकि सीताराम ट्रेडर्स को 1,01,120 रुपये का भुगतान किया गया है। दोनों फर्मों के भी वाउचर लगाए गए हैं। अरवल में सुखराम से रामकिशोर के मकान तक इंटरलॉकिंग का काम 2022-23 में कराया गया है। 150 मीटल लंबाई के काम के लिए 5,74,300 रुपये की तकनीकी स्वीकृति ली गई। न तो टेंडर बिक्री और न ही जमानत राशि ली गई। भुगतान मनमाने ढंग से किया गया है। ऐसे ही राजपाल कश्यप के मकान से खडंजा तक आरसीसी रोड के लिए 1,01,833 रुपये का भुगतान किया गया। जिसमें 21,903 रुपये का अधिक भुगतान निकाला गया है। ऐसे ही हैंडपंप रिबोर, सोलर लाइट लगवाए जाने में भी गड़बड़ी की गई है।