हरदोई। गांवों में काम, खरीदारी और भुगतान में मिली गड़बड़ी की ऑडिट आपत्तियों का निराकरण न कराने वाले पंचायत सचिवों से वसूली होगी। विधानसभा की पंचायतीराज समिति के कार्रवाई और वसूली के आदेश के बाद पंचायतीराज विभाग ने तत्कालीन पंचायत सचिवों का विवरण जुटाना शुरू किया है।
गांवों में कराए गए कार्यों, खरीदारी के लिए किए गए भुगतान के साक्ष्य न दे पाने पर जिला लेखा परीक्षा विभाग ने ऑडिट के दौरान मिली गड़बड़ी की रिपोर्ट पंचायतीराज विभाग को दी थी। साथ ही ऑडिट आपत्तियों के निराकरण के लिए समयसीमा भी दी गई। पंचायत के जिम्मेदारों ने न तो अभिलेख, बिल-वाउचर आदि दिए और न ही ऑडिट आपत्तियों का निराकरण कराया। साल 2010-11 से साल 2023-24 तक करीब 200 से अधिक ऑडिट आपत्तियां लंबित हैं। इन लंबित ऑडिट आपत्तियों पर विधानसभा की पंचायतीराज समिति ने समीक्षा के बाद वसूली और संबंधित दोषी पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
पंचायतीराज समिति के आदेश के बाद से लंबित ऑडिट आपत्तियों से संबंधित ग्राम पंचायतों का वर्षवार विवरण तैयार किए जाने के साथ ही गड़बड़ी के वर्ष में प्रधान और तैनात रहे पंचायत सचिवों का विवरण जुटाया जा रहा है। पंचायत सचिवों का स्थानांतरण जनपद के अंदर ब्लॉकों और कई पंचायत सचिवों का तबादला गैर जनपद भी हो चुका है। ऐसे में तत्कालीन प्रधानों को गड़बड़ी के रुपये के 50 प्रतिशत रुपये जमा किए जाने का नोटिस दिया जा रहा है। वहीं तत्कालीन पंचायत सचिवों से वसूली की तैयारी शुरू की गई है।
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ऑडिट आपत्तियों का निराकरण न कराने वाले प्रधान और पंचायत सचिवों पर कार्रवाई की जाएगी। पंचायतीराज समिति के आदेश के बाद गड़बड़ी के वर्ष में प्रधान और पंचायत सचिव का विवरण तैयार कराया जा रहा है। ताकि इन लोगों से गड़बड़ी के रुपयों की वसूली कराई जा सके। जल्द ही वसूली की प्रक्रिया शुरू कराते हुए कार्रवाई भी की जाएगी। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी