हरदोई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के नौ लाभार्थियों को मनरेगा के तहत दी जाने वाली मजदूरी में खेल हो गया। बेंहदर विकास खंड की ग्राम पंचायत सरेहरी में नौ लाभार्थियों की मजदूरी लगभग 25 हजार रुपये पंचायत मित्र ने पत्नी और पिता के बैंक खाते में भेज दिए। मामले ने तूल पकड़ा तो पंचायत मित्र ने मजदूरी संबंधित लाभार्थियों को नकद देने का दावा किया। अब अंदरखाने कार्रवाई की तैयारी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थियों को मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी देने का प्रावधान है। बेंहदर विकास खंड की ग्राम पंचायत सरेहरी में नौ लाभार्थियों के बैंक खातों में मनरेगा मजदूरी भेजने में खेल कर दिया गया। दरअसल सरेहरी निवासी अबरार और भूपेंद्र ने गोपनीय शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजी थी।
इसमें बताया था कि मनरेगा मजदूरी पंचायत मित्र ने अपने परिजनों के बैंक खातों में स्थानांतरित करा दी है। मामले की जांच हुई तो पता चला कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नौ लाभार्थियों को मनरेगा से दी जाने वाली मजदूरी के 25,725 रुपये पंचायत मित्र ने पत्नी और पिता के बैंक खाते में स्थानांतरित करा दिए। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार मामले की जांच होने पर पंचायत मित्र ने पत्नी और पिता के बैंक खाते से लाभार्थियों की मजदूरी का रुपया निकाल लिया।
जांच टीम से कहा कि लाभार्थियों को मजदूरी कर रुपया नकद दे दिया गया है। इस आशय का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया। मामले में बेंहदर के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, एडीओ सांख्यिकी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता की संयुक्त रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
इनको हुआ नुकसान
बालक, रामलखन, रामश्री, तबस्सुम, जावित्री, शिवराम, फूलजहां और राज बहादुर की मजदूरी पंचायत मित्र ने पत्नी के बैंक खाते में भेज दी। सुरजा देवी की मजदूरी पंचायत मित्र ने पिता के बैंक खाते में भेज दी।