टूटी फर्श पर कराया गया प्लास्टर। संवाद
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हरदोई। बेेंहदर विकास खंड की ग्राम पंचायत बेंहदर खुर्द में गुरुवार को विधायक ने जिस गोशाला का शुभारंभ किया, उसमें एक दिन बाद ही निर्माण की खामियां सामने आ गईं। गोशाला की चरही का प्लास्टर कई जगह चिटका नजर आया। कई जगह फर्श भी दरकी है। कमी छिपाने के लिए फर्श पर आनन फानन प्लास्टर कर दिया गया।
छुट्टा मवेशियों की समस्या से किसानों को निजात दिलाने के उद्देश्य से पशु पालन विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर गो संरक्षण केंद्र बनवाने का निर्णय लिया था। शासन स्तर से जिले में बेंहदर विकास खंड की ग्राम पंचायत बेंहदर खुर्द में एक करोड़ बीस लाख रुपये की लागत से गो संरक्षण केंद्र बनवाया गया। गुरुवार को बालामऊ विधायक रामपाल वर्मा ने इसका शुभारंभ भी कर दिया। लेकिन अगले ही दिन शुक्रवार को गो संरक्षण केंद्र में मवेशियों के लिए बनाई गई चन्नी कई जगह चिटकी मिली। भूसा घर के निकट फर्श भी टूटी है। जिम्मेदारों ने कमी छिपाने के लिए आनन फानन फर्श पर प्लास्टर करा दिया।
200 की क्षमता, मवेशी सिर्फ 48
बेेंहदर खुर्द में नवनिर्मित गो संरक्षण केंद्र में 200 मवेशी रखने की क्षमता है, लेकिन यहां 48 मवेशी ही हैं। पशुपालन विभाग के जिम्मेदार अनौपचारिक रूप से बताते हैं कि मवेशियों को हांककर गोशाला तक पहुंचाने के लिए न तो संसाधन हैं और न कर्मचारी। फिलहाल जो दशा है, उससे तो लगता है कि ग्रामीणों को ही छुट्टा मवेशी हांककर गो संरक्षण केंद्र तक पहुंचाने होंगे।
जिम्मेदारों की सुनिए
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेएन पांडेय ने बताया कि कुछ खामियां गो संरक्षण केंद्र के निर्माण में हैं। एक वर्ष तक संरक्षण केंद्र में सामने आने वाली किसी भी खामी की मरम्मत नि:शुल्क कराने का प्रावधान है। अभी मवेशी भेजे जा रहे हैं। मवेशियों की कूूद फांद से अभी कुछ और टूट फूट भी होगी। एक माह बाद निरीक्षण कर जो भी खामियां सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा।