हरदोई। अयोध्या की हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि सनातन धर्म में ही शत्रु को भी विजय का आशीर्वाद देने की सामर्थ्य है।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में 16 हजार मत और परंपराएं प्रचलित हैं लेकिन धर्म सिर्फ सनातन है। सभी मत पंथ हो सकते हैं मजहब हो सकते हैं परंपरा हो सकते हैं लेकिन धर्म नहीं हो सकते। वह मंगलवार काे शहर के जेके पब्लिक स्कूल में आयोजित दशहरा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।
महंत राजू दास ने विद्यार्थियों को रामेश्वर स्थापना का प्रसंग सुनाया। कहा कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आचार्य के रूप में आए रावण ने बिना संकोच के श्रीराम को लंका विजय का आशीर्वाद दिया था। विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में चिकित्सक, अभियंता, प्रशासनिक अधिकारी आदि कुछ भी बनें लेकिन समाज और राष्ट्र का चिंतन मन में सदैव रखें।
अभिभावकों से कहा कि बच्चों को श्रीराम चरित मानस पढ़ने के लिए प्रेरित करें ताकि श्रीराम, भरत जैसे त्याग, प्रेम और समर्पण के भाव विकसित हों। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। हनुमान चालीसा की झांकी विद्यार्थियों ने दिखाई और हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों की लीलाओं का मंचन किया।
महिषासुर मर्दिनी देवी के स्वरूपों में छात्राओं ने प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य कृष्ण मोहन, आरएसएस के पूर्व जिला कार्यवाह संजीव खरे, बालकृष्ण जिंदल आदि मौजूद रहे। विद्यालय के प्रबंधक राजीव मोहन अवस्थी ने अतिथियों का स्वागत किया। भाजपा नेता अविनाश मिश्रा ने आभार जताया।
फोटो-34-हनुमान चालीसा पर प्रस्तुति देते जेके पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी। स्रोत आयेजक