हरदोई। विद्युत निगम की ऑनलाइन सेवाओं में करंट नहीं है। करंट होता तो ऑनलाइन सुविधाओं के लिए उपभोक्ताओं को झटके न खाने पड़ते। नए कनेक्शन की बात हो या लोड बढ़वाने की व्यवस्था सब ऑनलाइन है लेकिन तकनीकी खामियों और विभागीय सुस्ती के कारण उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
डिजिटल दौर में सब कुछ ऑनलाइन करने की कवायद हो रही है। जनता को भी ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बेशक विद्युत निगम ने भी ज्यादातर सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा रखी हैं लेकिन कनेक्शन से लेकर शिकायत तक दर्ज कराने के लिए पोर्टल बने हैं। पोर्टल होने से भी कोई राहत नहीं मिल रही। दरअसल आने वाली शिकायतों या समस्याओं का निस्तारण ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है।
पोर्टल पर एरर, दफ्तरों में कल आने की नसीहत
विद्युत निगम में एक क्लिक पर कार्य कराए जाने की व्यवस्था है। यह व्यवस्था दावों तक ही है। जब भी कोई उपभोक्ता पोर्टल खोलता है तो अक्सर सर्वर डाउन दिखाता है। कई बार दूसरी तकनीक की खामियां बता दी जाती हैं। परेशान होकर जब लोग निगम के उपकेंद्र पर जाते हैं तो उन्हें नसीहत में इंतजार मिलता है। कर्मचारी कह देते हैं कि सर्वर ठीक होने का इंतजार करें या फिर कल आना।
यह है ऑनलाइन सुविधाएं
बिजली कनेक्शन, बिजली बिल बनाना, उसका भुगतान, लोड बढ़ना, बिल सुधार, नाम सुधार, पता सुधार, मोबाइल नंबर सुधार, स्वामित्व बदलाव, मीटर संबंधी शिकायतें, स्थायी विच्छेदन, निजी नलकूप कनेक्शन, स्मार्ट मीटर से संबंधित समस्या आदि शामिल हैं।
केस एक
शहर के मन्नापुरवा निवासी रमेश चंद्र का बिल इस माह सामान्य से पांच गुना ज्यादा आ गया। वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराई लेकिन तीन सप्ताह तक कोई सुनवाई नहीं हुई। सारे जरूरी काम छोड़ एसडीओ दफ्तर के चक्कर लगाए। यहां भी लिपिक ने बता दिया कि ऊपर से अप्रूवल आए बिना कुछ नहीं हो सकता।
केस दो
शहर के हरिपुरवा निवासी रामकिशोरी ने नए कनेक्शन के लिए 15 दिन पहले आवेदन किया था। आवेदन के बाद सर्वे भी हो गया। इसके बाद अब तक उनका कनेक्शन नहीं हो पाया है। वह कभी अवर अभियंता को खोजतीं हैं तो कभी उपखंड अधिकारी के लिपिक को।
विभागीय पोर्टल पर कभी-कभी तकनीकी समस्या आ जाती है। इसका निदान कराया जाता है। उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया जाता है। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता