सरकार चाहे केंद्र की हो या फिर प्रदेश की। दोनों ही
पूंजीपतियों, धन्नासेठों व कारपोरेट जगत की धरोहर हैं। यही वजह है कि
अन्नदाता मुआवजे की खातिर भागा फिर रहा और मुआवजा न मिलने पर आत्महत्या के
लिए विवश है। गैर बसपाई सरकारों ने प्रदेश व देश के हर वर्ग को छलने का काम
किया है।
गांधी भवन में आयोजित बसपा के धरना प्रदर्शन को बतौर मुख्य
अतिथि संबोधित करते हुए जोन कोआर्डिनेटर जितेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि
केंद्र सरकार किसान हितैषी नहीं है। इसी सब का पर्दाफाश करने को पूरे देश
में आंदोलन छेड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद अब जनता को कुछ भी
बताने व गिनाने की जरूरत नहीं है।
भाजपा व सपा दोनों के ही स्वार्थी चेहरे,
इनके सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के चुनाव में बसपा ही
एक मात्र ऐसा विकल्प है, जो हर वर्ग चुनने को बेताब है। पूर्व काबीना
मंत्री अब्दुल मन्नान ने कहा कि भूमि अधिग्रहण का ऐसा बिल लाया गया है, जो
पूरी तरह से किसान विरोधी है।
भाजपा अपना बिल लाकर किसान को बेसहारा,
बेघरबार व बेरोजगार करने में लगी हुई है। पूर्व मंत्री रामपाल वर्मा ने कहा
कि बसपा किसानों के साथ अन्याय किसी भी दशा में नहीं होने देगी। मंडल
कोआर्डिनेटर जगदीश वर्मा ने कहा कि प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार ने वादे
अनगिनत किए, पर उन पर अमल न के बराबर हुआ है।
दोनों ही सरकारों ने वोटों के
नाम पर सिर्फ आम जनता को ठगा है। मंडल कोआर्डिनेटर प्रदीप राजवंशी ने कहा
कि आज किसान कुदरत द्वारा तो मारा ही गया है शासन व प्रशासन के द्वारा भी
मारा जा रहा है। मुआवजा कहां से उसे सही मिलेगा जब सर्वे ही सही नहीं किया
गया।
सर्वे में भी किसान वर्ग को धता बता बड़े काश्तकारों को लाभ दिलाने का
प्रयास किया गया। जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश गौतम ने कहा कि आने वाला समय
बसपा का ही है। प्रदेश मेेें कानून व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है।
अत्याचार, दुराचार, लूट व हत्याओं में इजाफा हुआ है।
इस दौरान धरने को
विधायक रजनी तिवारी, एमएलसी अब्दुल हन्नान, विधायक बृजेश वर्मा, पूर्व
विधायक आसिफ खां बब्बू, वीरेंद्र वर्मा, सदर प्रभारी राजाबक्स सिंह ने भी
संबोधित किया। इस मौके पर मीना कुमार, अब्दुल आहद, शिवकुमार मौर्य, डीडी
वर्मा, परशुराम चौरसिया, मो. शब्बीर, अमर सिंह आदि मौजूद थे।