हरदोई। मेडिकल कॉलेज की पैथाेलॉजी में अब मरीजों की हार्मोंस और विटामिन की जांच हो सकेगी। अभी तक इनकी जांच के लिए निजी लैब पर काफी अधिक धनराशि खर्च करनी पड़ जाती है, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज में यही जांच आधी धनराशि पर हो सकेगी। इससे मरीजों को राहत मिलेगी।
अनियमित जीवन शैली एवं खानपान से युवक एवं युवतियों में तरह-तरह की जटिलताएं पाई जा रही हैं। इससे उनमें हार्मोंस का स्तर गड़बड़ाने लगा है। महिलाओं से जुड़ी बीमारियों में बांझपन और उम्र के साथ बच्चों का विकास (ग्रोथ) कम होने की समस्या भी सामने आ रही है। लोगों में विटामिन का स्तर पर भी गड़बड़ाने लगा है, इससे कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त भी हो रहे हैं। इनके इलाज के लिए जांच भी महंगी हैं, लेकिन अब यही जांचें मेडिकल कॉलेज में ही चालू कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में जांचों की सुविधा शुरु कर दी गई है। पैथोलॉजी प्रभारी डॉ. कीर्ति मौर्या ने नई जांचों को केजीएमयू से निर्धारित दरों के आधार पर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। (संवाद)
70 प्रतिशत मरीज विटामिन डी की कमी से पीड़ित
हरदोई। विटामिन डी की कमी अब आम बात है। विटामिन डी की कमी हालांकि धूप सेकने से पूरी हो जाती है। लेकिन इसकी कमी से संबंधित कई तरह की दिक्कतें हैं। खासकर महिलाएं इससे ज्यादा पीड़ित हैं। क्योंकि वह धूप में कम ही निकलतीं हैं। ओपीडी में भी हर तीसरा मरीज इसकी कमी का शिकार होकर आता है, लेकिन विटामिन डी की जांच की सुविधा अभी तक पैथोलाॅजी में नहीं थी। विटामिन डी का टेस्ट प्राइवेट लैब में 1500 रुपये से लेकर ढाई हजार रुपये में होता है। लेकिन मेडिकल कॉलेज में यही जांच 850 रुपये में हो सकेगी।
मेडिकल कॉलेज में नई जांचे शुरु हो गई हैं, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी। मरीजों की जांच केजीएमयू से निर्धारित दर से ही शुल्क देना होगा।डॉ. आर्य देशदीपक
प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज