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Hardoi News: वाहनों की फिटनेस के लिए अब लगानी होगी 110 किमी. की दौड़

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हरदोई। जिले के चौपहिया और बड़े वाहन स्वामियों को अब अपने वाहन की फिटनेस कराने के लिए लखनऊ तक की दौड़ लगानी पड़ेगी। अभी तक जिले में ही एआरटीओ में वाहनों की फिटनेस हो जाती थी लेकिन ऑटोमेटिक फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम न होने की वजह से अब यह व्यवस्था बंद हो गई है। ऐसे में अब लोगों का समय बर्बाद होगा, आने-जाने में पैसे भी खर्च करने पड़ेंगे।
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जिले में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच बंद हो गई हैं। वाहनों की फिटनेस अब ऑटोमेटिक फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम पर कराई जाएगी। इसके लिए निजी क्षेत्र में आटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) को जिम्मेदारी दी गई है। वाहन स्वामियों को अब पहले ऑनलाइन स्लॉट बुक कराना होगा और इसके बाद एटीएस पर जाकर फिटनेस करानी होगी। हरदोई जिले के लिए सबसे नजदीकी फिटनेस सेंटर लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित एकेआरएस एटीएस प्राइवेट लिमिटेड केंद्र है। परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर यह नई व्यवस्था लागू हो गई है। ऐसे में अब जिले में पंजीकृत 7,22,396 पंजीकृत वाहन के स्वामियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें वाहन स्वामियों काे समय और पैसा दोनों ही अधिक खर्च करना पड़ेगा। वहीं, स्लॉट की बुकिंग वाले दिन अगर नहीं पहुंच पाए तो फिर वही प्रक्रिया अपनानी होगी।

ई-रिक्शों की फिटनेस कराना बड़ी चुनौती
हरदोई। वैसे तो नए व्यावसायिक वाहनों को पंजीकरण के बाद आठ वर्ष तक हर दो साल पर और उसके बाद एक-एक वर्ष पर फिटनेस कराने का नियम है। पेट्रोल व डीजल गाड़ियां तो जैसे-तैसे फिटनेस कराने लखनऊ तक पहुंच जाएंगी लेकिन ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहन का फिटनेस करा पाना बड़ी चुनौती साबित होगा। क्योंकि 110 किलोमीटर तक जाने में ई-रिक्शाें की बैटरी डिस्चार्ज हो जाएगी। वहीं, अगर वाहन का फिटनेस नहीं है तो 10,000 रुपये का चालान किया जाता है।
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वाहनों की फिटनेस अब ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों पर कराने के निर्देश दिए गए हैं। मैनुअल फिटनेस बंद हो गई है। जिले के लोगों को लखनऊ जाकर फिटनेस करानी होगी। अब यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है। -अरविंद कुमार सिंह, एआरटीओ, हरदोई
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