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Hardoi News: चार माह से जनरेट नहीं हुए ई-वाउचर, गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड ठप

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हरदोई। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए निशुल्क व्यवस्था विभागीय उदासीनता के चलते ठप हो चुकी है। बीते चार माह से ई-वाउचर जनरेट न होने से निशुल्क अल्ट्रासाउंड व्यवस्था बंद हो चुकी है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को जांच कराने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। निजी सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराने में अच्छी खासी धनराशि खर्च करनी पड़ रही है।
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स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड की समुचित व्यवस्था नहीं है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए निजी सेंटरों पर जांच करानी पड़ती थी। आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को राहत देने के लिए शासन ने करीब दो साल पहले ई-वाउचर के माध्यम से अल्ट्रासाउंड पर खर्च होने वाले रुपये वहन करना शुरू किया। महिलाओं के अल्ट्रासाउंड तो निजी सेंटरों पर होते थे लेकिन शासन की तरफ से एक अल्ट्रासाउंड पर 425 रुपये का ई-वाउचर जनरेट कर भुगतान किया जा रहा था।
जिले भर में हर माह 3000 से 3500 निशुल्क अल्ट्रासाउंड हो रहे थे। इस बीच शासन ने भुगतान के लिए स्पर्श पोर्टल शुरू कर दिया, विभागीय अधिकारियों की उदासीनता की वजह से स्पर्श पोर्टल का संचालन ढंग से नहीं हो पाया और 16 अगस्त 2025 से भुगतान ठप हो गया। इस बीच नवंबर माह से बजट रोक दिया गया। ऐसे में जिले की करीब 39,465 गर्भवती महिलाओं के अब निशुल्क अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं।
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18,094 गर्भवतियों को ही मिल सका लाभ
हरदोई। जिले में अभी तक करीब 73,154 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। इसमें प्रथम तिमाही के अंतर्गत 59,924 महिलाएं हैं जिनमें 18,094 महिलाओं का ही निशुल्क अल्ट्रासाउंड हुआ जबकि, अन्य महिलाओं के लिए विभागीय पोर्टल से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए ई-रुपी वाउचर जनरेट नहीं हुए। चिंह्नित सेंटरों ने ऐसे में निशुल्क अल्ट्रासाउंड बंद कर दिया और अब महिलाओं को खुद के खर्च पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।


निजी सेंटरों पर 650 से 800 रुपये तक होते खर्च

हरदोई। निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए ई-वाउचर जनरेट होना बंद होने से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासांउड कराने के लिए निजी सेंटरों पर जाना पड़ रहा है। वहां अधिक धनराशि खर्च करनी पड़ती है। निजी सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराने में 650 से 800 रुपये खर्च हाेते हैं। वहीं, अस्पताल में अल्ट्रासांउड पर धनराशि व्यय नहीं करनी पड़ती। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हो रही है।



योजना पर शासन से बजट जारी नहीं किया जा रहा है। धनराशि न मिलने से अगस्त से निशुल्क वाउचर जनरेट नहीं हुए हैं। मामले के बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी है। दिशा निर्देश आने पर ही महिलाओं को लाभांन्वित किया जाएगा। -डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी, हरदोई
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