हरदोई। पशु आश्रयस्थल संचालन में लापरवाही और अव्यवस्था पर डीएम अनुनय झा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कौढ़ा की प्रधान को पंचायतीराज अधिनियम में नोटिस दिया है। 15 दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगे हैं। चेतावनी दी कि जवाब न आने और संतोषजनक न होने पर वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी जाएगी।
डीएम ने यह कार्रवाई बावन की ग्राम पंचायत कौढ़ा में संचालित पशु आश्रयस्थल में अव्यवस्थाओं पर शुरू की है। बताया कि प्रधान जय देवी को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। जवाब आने पर परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया कि सीडीओ को मिली गोपनीय सूचना पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जांच कराई गई। जांच में आश्रयस्थल में 92 मवेशी संरक्षित मिले जबकि गो-आश्रय पोर्टल पर अक्तूबर माह में 110 मवेशी की फंड रिक्वेस्ट जनरेट की गई है। आश्रयस्थल के निरीक्षण में 18 मवेशी कम थे। वहीं, मवेशी पास की ही सड़क पर घूम रहे थे।
आश्रयस्थल में करीब 10 क्विंटल भूसा भंडारित था लेकिन चरही में भूसा नहीं डाला गया था। हरा चारा और दाना भी नहीं था। मवेशियों के भरण-पोषण के लिए उचित प्रबंध नहीं थे। दो मवेशी घायल थे। केयर टेकर ने जानकारी दी कि जाली टूटी होने के कारण जंगली जानवर आश्रयस्थल में आ जाते हैं और मवेशियों को नुकसान पहुंचाते हैं। वर्मी कंपोस्ट पिट बना है लेकिन वर्मी कंपोस्ट नहीं बनाया जा रहा है। दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं लेकिन एक ही कैमरा क्रियाशील है। सर्दियों से बचाव के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।