- संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए हर माह पांच-पांच कराने की सौंपी गई जिम्मेदारी
- 95 एएनएम को दिया जा चुका है प्रसव का व्यावहारिक प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वास्थ्य विभाग ने संस्थागत प्रसवों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। एएनएम सेंटर को अपडेट किया जा रहा है, साथ ही एएनएम प्रशिक्षित भी कर दी गई हैं। सभी ब्लॉकों से पांच-पांच एएनएम प्रशिक्षित कर दी गई हैं और अब उन्होंने संस्थागत प्रसव भी शुरू करा दिए हैं। सीएमओ ने हर माह पांच-पांच प्रसव कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही उपलब्धि शून्य होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी चिकित्सालयों में संस्थागत प्रसवों को लेकर काफी जोर दिया जा रहा है। चूंकि, सीएचसी पर पर्याप्त स्त्रीरोग विशेषज्ञ की कमी है। इससे तमाम लोग अभी भी अपने घर पर ही प्रसव करा लेते हैं। यह प्रसव अप्रशिक्षित कर्मचारियों या फिर दाइयों के माध्यम से होते हैं। इसमें गर्भवती और होने वाले बच्चे संग अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
इस पर लगाम लगाने के लिए शासन ने स्वास्थ्य विभाग को संस्थागत व सुरक्षित प्रसवों को बढ़ाने के लिए एएनएम को प्रशिक्षित किया गया है। सभी ब्लॉकों से पांच-पांच एएनएम प्रशिक्षित कर 95 को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एएनएम को प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्होंने प्रसव भी शुरू कर दिए हैं। दिसंबर माह में एएनएम ने कुल 255 प्रसव भी कराए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने सभी अधीक्षकों को हर माह प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और ऐसा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
दूसरे बैच के प्रशिक्षण के लिए मांगे गए नाम
एएनएम को स्किल बर्थ अटेंडेंट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रथम बैच का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब दूसरे बैच के प्रशिक्षण के लिए एएनएम के नाम भी मांगे हैं। प्रशिक्षण में एएनएम को डमी के माध्यम से सभी तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण में बेसिक प्रक्रियाओं और उनमें आने वाली जटिलताओं को पहचान कर इलाज करने और सुरक्षित संस्थागत प्रसव के बारे में बताया गया है।
वर्जन
संस्थागत प्रसवों को बढ़ाने के लिए एएनएम को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। दूसरा बैच का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इसका उद्देश्य गर्भवतियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है।-डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी