हरदोई। होली पर घर पहुंचने की उम्मीद लगाए बैठे यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति नो रूम हो चुकी है। नियमित ट्रेनों में टिकट न मिलने के कारण तत्काल कोटे के भरोसे बैठे तमाम यात्रियों को वहां भी मायूसी हाथ लग रही है। रेलवे काउंटरों पर लंबी कतारों में इंतजार करने वाले यात्रियों को चंद सेकंडों में सीटें फुल मिल रही हैं।
रंग पर्व पर अधिकांश लोग अपने घर जाते हैं और इसकी तैयारी काफी पहले से ही शुरू कर देते हैं। घर जाने के लिए लोग करीब एक माह पहले से ही ट्रेनों में सीटें बुक कराने लगते हैं। इसके चलते अभी से ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं। विशेष ट्रेन चली है लेकिन उसमें भी जगह नहीं मिल रही। नियमित टिकट न मिलने पर यात्रियों की आखिरी उम्मीद तत्काल कोटे पर टिकी है लेकिन वहां भी मारामारी का आलम है। रेलवे आरक्षण काउंटरों पर सुबह होने से पहले ही लंबी कतारें लग रही हैं। लोग रात-रात भर लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन जैसे ही सुबह 10 और 11 बजे खिड़की खुलती है, चंद सेकंडों में ही सीटें फुल हो जा रही हैं। इंटरनेट की धीमी गति और भारी ट्रैफिक के कारण एप से टिकट बुक करने वाले भी खाली हाथ हैं।
स्लीपर से थर्ड एसी तक सब फुल
इस बार स्थिति यह है कि स्लीपर कोच तो दूर, एसी तृतीय श्रेणी में भी वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा 100 के पार जा चुका है। हरिद्वार, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों से जिले की ओर आने वाली ट्रेनों में सबसे अधिक दबाव देखा जा रहा है। ट्रेनों में अब जगह न होने से लोग परेशान हो रहे हैं।
जनरल कोच में सफर मुश्किल
त्योहार पर जनरल कोच में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। एक तो जनरल कोचों को बढ़ाया नहीं जाता है। त्योहार पर आसपास के जिलों में काम करने वाले भी अपने घर लौटते हैं। इस वजह से जनरल कोच में भी सफर कर पाना बड़ा मुश्किल हो जाता है। जिन लोगों ने आरक्षण नहीं कराया है और जनरल कोच में जाना चाहते हैं तो उन्हें लंबी दूरी का सफर नहीं करना चाहिए। जनरल कोच में भीड़ अधिक हो जाने से ऐसी गर्मी में शारीरिक समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती हैं।