हरदोई। सड़क पर वाहनों की तेज रफ्तार लोगों की जिंदगियों पर ब्रेक लगा रही हैं। जरा सी जल्दबाजी के चक्कर में वाहन चालक ट्रैफिक नियम तोड़कर लोगों का कॉल बन रहे हैं।
हादसों में अपनों को खोने वाले जब दर्द की दास्तां सुनाते हैं तो आंखें छलक आतीं हैं। हादसे मेें बेटा खोने वाली मां आज भी फफक कर रोती हैं। कहती हैं, जो दर्द हम झेल रहे, कोई और न झेले। इसके लिए वाहन चलाते समय रफ्तार कम और ट्रैफिक नियमों को ध्यान रहे।
कासिमपुर थाना क्षेत्र के छत्ताखेड़ा निवासी गोकुल (36) विगत 22 फरवरी की शाम एक शादी समारोह में बाइक से जा रहा था। साथ में उसका रिश्तेदार प्रेम (24) भी था।
रास्ते में संडीला-बांगरमऊ मार्ग पर गुलाबीखेड़ा के पास तेज रफ्तार से आए अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई थी। हादसे की सूचना और मौके पर बेटे गोकुल का सड़क पर खून से लथपथ शव आज भी मां कैलाश की आंखों के सामने दिखता है।
वहीं, प्रेम के तो बूढ़े मां-बाप को बेटे की जुदाई का गम बीमार कर गया है। बेटों को खोने के बाद मां यही कहती हैं कि अगर अज्ञात वाहन की रफ्तार धीमी होती, तो शायद बेटे बच जाते।
वह बेटों की याद में आज भी फफक-फफक कर रोती हैं।
वहीं, दूसरों के साथ ऐसा न हो इसका ख्याल रखकर ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील कर रहीं हैं, लेकिन पुलिस जागरुकता अभियान एक तरफ चलती रहती है, तो दूसरी तरफ लोग लगातार नियम तोड़कर सड़कों पर फर्राटा भरकर खुद की और दूसरों की जिदंगी खतरे में डाल रहे हैं।
हेलमेट की भूल, जिंदगी भर का शूल
बाइक चलाते समय हेलमेट न लगाना लोग अपनी शान समझते हैं। यही शान उन्हें खुद कॉल के मुंह में ले जा रही है। ऐसा ही गोकुल व प्रेम के साथ हुआ था। वह जल्दबाजी में हेलमेट नहीं लगाने की भूल कर बैठे। यही भूल आज दोनों के परिजनों की जिंदगी भर का शूल बन गई है।