हरदोई। जिला अस्पताल में मेनीटॉल और लैसिक्स इंजेक्शन जैसी आवश्यक दवाएं खत्म हो गईं हैं। इनका प्रयोग हाईबीपी, गुर्दे की बीमारी, हेड इंजरी और ब्रेन स्ट्रोक में होता है। ऐसे में तीमारदारों को इन दवाओं के लिए बाहर की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन इंजेक्शन मंगवाकर जल्द मरीजों को उपलब्ध कराने की बात कह रहा है।
सर्दी का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल में ब्रेन अटैक व गुर्दे की समस्या के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हादसों में घायल मरीज भी ज्यादा हैं। चिकित्सकों के मुताबिक पेशाब बढ़ाने, हाईबीपी, गुर्दे के मरीजों के लिए लैसिक्स इंजेक्शन रामबाण है।
वहीं हेडइंजरी, ब्रेन अटैक के दौरान दिमाग की सूजन कम करने में मेनीटॉल सबसे कारगर है। इन्हें इमरजेंसी दवाओं की श्रेणी में रखा गया है। आलम यह है कि अस्पताल में मेनिटॉल व लैसिक्स इंजेक्शन खत्म हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने अभी तक ध्यान नहीं दिया है। तीमारदार इंजेक्शन बाहर से खरीद रहे हैं।
सीएमएस डॉ. जेएन तिवारी ने बताया कि इंजेक्शन खत्म होने की जानकारी मिली है। जल्द ही डिमांड भेजकर इंजेक्शन मंगवाकर मरीजों को उपलब्ध कराए जाएंगे।