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कोई भी एजेंसी फोन से न तो जांच करती है न गिरफ्तार : डीएम

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हरदोई। सभी क्षेत्रों में इंटरनेट के उपयोग का विस्तार हुआ है। डिजिटल अरेस्ट की जानकारी तत्काल साइबर थाना और टोल फ्री नंबर-1930 पर दी जाए। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि कोई भी एजेंसी फोन से न तो कोई जांच करती है और न ही गिरफ्तार कर सकती है। व्हाट्सएप को द्विकारक सत्यापित बनाएं। इससे इंटरनेट का सुरक्षित और सकारात्मक उपयोग किया जाना संभव है।
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सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर मंगलवार को स्वामी विवेकानंद सभागार में कार्यशाला हुई। डीएम ने कहा कि इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ ही इसमें फ्रॉड करने वाले भी बढ़े हैं। वायरस, हैकिंग और मनी फ्रॉड से बचने के लिए इंटरनेट पर सूचनाएं साझा नहीं करनी चाहिए। कहा कि इंटरनेट से सामाजिक विघटन भी बढ़ा है। इंटरनेट फिशिंग से सभी को सतर्क रहना चाहिए। ई-मेल के माध्यम से मिले ऑफर पर प्रत्युत्तर नहीं देना चाहिए। वित्तीय विवरण न साझा करें और न ही ओटीपी दें। लुभावने ऑफर पर ध्यान न दें। आइडेंटिटी थेफ्ट से बचने के लिए प्रोफाइल को सुरक्षित बनाएं। ऑनलाइन लॉटरी प्रलोभन से दूर रहें। साइबर अपराध के बारे में खुद जागरूक रहें और अन्य लोगों को जागरूक करें।
कहा कि डीएससी (डिजिटल सिग्रेचर सर्टिफिकेट) को सुरक्षित रखें। साइबर हाईजीन के उपाय अपनाएं। एंटी वायरस को अपडेट रखें, जिससे डाटा सुरक्षित रहेगा। पासवर्ड मजबूत बनाएं और समय-समय पर बदलते रहें, किसी से भी साझा न करें। अनधिकृत सॉफ्टवेयर डाउनलोड न करें। यूपीआई लेनदेन में विश्वसनीय स्रोत का प्रयोग करें। खातों की नियमित निगरानी रखें। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अमित मिश्रा ने साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी। एडीएम प्रियंका सिंह, डीडीएजी डॉ. नंद किशोर, डीडीओ कमलेश कुमार, डीएसटीओ डॉ. रामप्रकाश समेत अधिकारी मौजूद रहे।
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