हरदोई। पंचायतों के ऑडिट प्रकरण निस्तारण में लापरवाही पर सीडीओ सान्या छाबड़ा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रकरण निस्तारण में लापरवाही पर नौ कर्मियों को चेतावनी दी जबकि गैरहाजिरी पर एक एडीओ पंचायत के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
पंचायतों में कराए जाने वाले काम और भुगतान की ऑडिट व्यवस्था है। सीडीओ ने ग्राम पंचायतों के निस्तारण के लिए लंबित ऑडिट प्रकरण की समीक्षा की। साल 2019-20 से साल 2023-24 तक 532 प्रकरण मिले। इसमें 182 प्रकरण निस्तारण के लिए भेजे जाने और बाकी लंबित होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ब्लॉकवार समीक्षा में टोडरपुर में एक भी प्रकरण का निस्तारण न होने पर एडीओ पंचायत प्रमोद यादव और ज्येष्ठ लेखा परीक्षक मेराज अहमद और रोशनी खां को एक सप्ताह में प्रकरण निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि दोबारा समीक्षा में प्रकरण लंबित पाए जाने पर तीनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ऐसे ही सांडी के एडीओ रामेश्वर प्रसाद, संडीला एडीओ लालसिंह और ज्येष्ठ लेखा परीक्षकों को काम में सुधार लाने की चेतावनी दी। वहीं, कछौना के एडीओ का काम देख रहे संतोष कुमार की गैरहाजिरी पर वेतन भुगतान रोकने के लिए डीपीआरओ विनय कुमार सिंह को निर्देश दिए। संडीला एडीओ लालसिंह ने जानकारी दी कि पंचायत सचिव रत्नेश वर्मा के स्तर पर प्रकरण लंबित हैं। कई बार कहे जाने के बाद भी प्रकरण निस्तारित नहीं कराए गए हैं।