हरदोई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में लंबे समय से रिक्त पदों को खत्म करने पर विचार किया जा रहा है। शासन ने बढ़ते खर्चाें पर लगाम लगाने के कई कड़े फैसले लेने के निर्देश दिए हैं। इनमें वेतन बढ़ोतरी पर रोक के साथ ही कर्मियों की छंटनी की जा सकती है। इसको लेकर एनएचएम कर्मी परेशान हो रहे हैं। वहीं, इससे मिशन के तमाम कार्यक्रमों पर प्रभाव भी पड़ने की संभावना है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत तमाम कार्यक्रमों का आयोजन होता है। एनएचएम के अंतर्गत चिकित्सक समेत तमाम विभागों में कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। जो अलग-अलग कार्यक्रम के तहत काम कर रहे हैं। जिले में भी करीब एक हजार से अधिक कर्मचारी एनएचएम के अंतर्गत काम कर रहे हैं। इन्हीं कर्मचारियों को अब शासन के नए फरमान ने परेशानी में डाल दिया है। शासन की ओर से नौ दिसंबर को एक फरमान जारी किया गया है। इनमें रिक्त पदों को फ्रीज कर दिया गया और भर्ती पर रोक लगा दी गई है। साथ ही अलग-अलग विभागों में एक समान काम करने वाले कर्मचारियों की छंटनी की बात कही है।
मिशन निदेशक आराधना पटनायक ने प्राेग्राम मैनेजमेंट फंड का हवाला देते हुए धनराशि का प्रयोग वेतन में दिए जाने की बात कही है और इससे मिशन के काम प्रभावित होने की बात कही है। इस फरमान को लेकर ही अब कर्मचारियो में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, इससे यह तो स्पष्ट है कि कर्मचारियों की छंटनी होने से मिशन के तमाम चलने वाले कार्यक्रमों पर प्रभाव पड़ सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि इस संबंध में शासनादेश तो आया है लेकिन अग्रिम निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।