संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के नवजात की मौत का मामला अब तूल पकड़ गया है। सोमवार को नवजात का पोस्टमार्टम कराया गया। डीएनए जांच के लिए शव के सिर के बाल, सीने की पसली और मांस का कुछ टुकड़ सुरक्षित किया गया है। पूरे मामले में पुलिस के स्तर से हुई हीलाहवाली से नाराज एसपी नीरज कुमार जादौन ने सीओ शाहाबाद अनुज मिश्रा और कोतवाल निर्भय सिंह की प्रारंभिक जांच खोलने के आदेश भी सोमवार को दिए हैं।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के साथ दुष्कर्म की वारदात गत वर्ष दिसंबर में हुई थी। हालांकि पुलिस ने मामला छेड़छाड़ में दर्ज किया था, लेकिन न्यायालय में किशोरी के बयान के आधार पर दुष्कर्म की धाराएं बढ़ा दी गई थीं। आरोपी को जेल भी भेज दिया गया था। इसी बीच किशोरी गर्भवती हो गई और शनिवार रात शाहाबाद सीएचसी में उसका प्रसव हुआ। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। खास बात यह है कि दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के गर्भवती होने, प्रसव हो जाने की जानकारी न तो पुलिस को मिली और न ही यह बात सीएचसी के जिम्मेदारों को पता चली। संवाद न्यूज एजेंसी ने सवाल उठाए तो एसपी ने जांच के आदेश दिए। इसी क्रम में सोमवार को नवजात का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम करने वाले डा. प्रतीक नलवा ने बताया कि नवजात का जन्म मृत अवस्था में ही हुआ था।
आरोपी का भी होगा डीएनए टेस्ट
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने दुष्कर्म के आरोपी का भी डीएनए टेस्ट कराने के आदेश दिए हैं। खास बात यह है कि दुष्कर्म की घटना दर्ज होने के बाद आरोपी का डीएनए टेस्ट नहीं कराया गया था, हालांकि उस वक्त यह आवश्यक भी नहीं था। इस सबके अलावा चौकाने वाली बात यह भी है कि पुलिस ने 19 फरवरी 2024 को किशोरी के गर्भ धारण करने संबंधी जांच कराई थी, लेकिन तब वह गर्भवती नहीं मिली थी। ऐसे में 19 फरवरी को हुए प्रेग्नेंसी टेस्ट की रिपोर्ट पर भी सवाल उठ रहे हैं। वजह यह कि किशोरी ने पूरे समय के गर्भ के बाद नवजात को जन्म दिया था।