हरदोई। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत वितरण निगम ने कई परियोजनाओं पर काम शुरू किया। तय समय में कोई भी काम पूरा नहीं हो सका। काम अभी भी चल रहे हैं। इन कामों में शहर के विभिन्न इलाकों में नई बिजली लाइनें बिछाने और जर्जर तारों को बदलने का काम शामिल है। यह काम जिन संस्थाओं को सौंपा गया था वह बेहद धीमी गति से काम कर रही है। शहर में 76 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। बिजली उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट से निजात दिलाने के लिए रीवैंप और बिजनेस प्लान के तहत शहर में कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें जर्जर बिजली लाइन की मरम्मत, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, खुले तार के स्थान पर एबी कंडक्टर डालना आदि शामिल हैं।
प्रकरण-1
-शहर के उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट से निजात दिलाने के लिए शहर के 220 केवी मन्नापुरवा से 33 केवी मन्नापुरवा तक एक नई लाइन बनाई जा रही है। उद्देश्य यह है कि विद्युत उपकेंद्र गुरगुज्जा और विद्युत उपकेंद्र सांडी रोड की आपूर्ति को अलग किया जा सके। लाइन बनाने का यह काम जनवरी 2025 तक पूरा किया जाना था। अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। इससे एक ही लाइन पर तीन विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति हो रही है। यही वजह है कि उपभोक्ता लोकल फॉल्ट से जूझते हैं।
-शहर के विद्युत उपकेंद्र चरौली से जुड़े रद्धेपुरवा मार्ग से मानपुर तक की बिजली लाइन को बदला जाना था। यह काम वर्ष 2024 में शुरू हुआ था, लोक निर्माण विभाग को यह काम पूरा कराना था। अभी तक काम शुरू ही नहीं हो सका। इस कारण संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ता लो वोल्टेज और लोकल फॉल्ट की समस्या का सामना कर रहे हैं।
फाल्ट और लो-वोल्टेज से त्राहि-त्राहि
भीषण गर्मी के इस मौसम में उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी लो-वोल्टेज और आए दिन होने वाले लोकल फॉल्ट से हो रही है। नई लाइनें चार्ज न होने के कारण मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर ओवरलोड बढ़ गया है। नतीजतन जरा सा लोड बढ़ते ही या तो ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं या फिर तार टूट कर गिर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि न तो रात में चैन की नींद मिल पा रही है न ही दिन में घर के उपकरण चल पा रहे हैं।
सांडी रोड उपकेंद्र की लाइन का काम अंतिम चरण में है। रद्धेपुरवा मार्ग की लाइन के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा गया है और संपर्क भी किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज की लाइन भी जल्द पूरी हो जाएगी। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता, वितरण खंड सदर