कई माह से सीएम डैशबोर्ड पर खराब स्थिति के बाद भी सुधार नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांवों के विकास और खर्च में लापरवाही से पंचायतीराज विभाग से मिले रुपये खातों में पड़े हुए हैं। काम में लापरवाही के साथ ही बैठक में गैरहाजिरी पर जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने शाहाबाद और भरखनी के आठ पंचायत सचिवों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
सीएम डैशबोर्ड पर कम स्थिति पर शनिवार को डीपीआरओ ने सहायक विकास अधिकारियों और पंचायत सचिवों की वर्चुअल बैठक की। विकास खंड शाहाबाद में पंचायत सचिव अंकित कुमार, मनोहर लाल, मोहम्मद अफ्फान और रीतू कुशवाहा बैठक गैरहाजिर रहीं। इन पंचायत सचिवों के क्लस्टर की ग्राम पंचायत नस्योली डामर, दलेलनगर, रामपुर हमजा, धियरई, रामपुर धियरई, अब्दुलापुर, वासतनगर और बिरौरी आदि में लाखों रुपये खाता में पड़ी है। ऐसे ही विकास खंड भरखनी के पंचायत सचिव अनुज कुमार गुप्ता, प्रमोद यादव, नीरज वर्मा और संजय कुमार की भी खर्च और काम कराने में लापरवाही सामने आई है।
बताया कि पिछले कई माह में भी काम और खर्च में इन पंचायत सचिवों की स्थिति खराब रही है। सभी के वेतन भुगतान पर रोक लगाई गई है। बताया कि 31 मार्च बाद तक स्थिति में सुधार न होने पर 2 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में कराए गए काम और खर्च का सत्यापन वह स्वयं टीम के साथ करेंगे। काम न कराने और खर्च न होने के कारणों की भी जानकारी लेंगे।