हरपालपुर। अरवल थाना क्षेत्र में कुसुमखोर में गंगा नदी के पुल के नीचे टेंट हाउस संचालक का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। पहचान होने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवक बीती 11 फरवरी से लापता था। 13 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज की गई थी। भाई ने दिब्बापुरवा निवासी एक शख्स व उसके साथियों पर हत्या करने का आरोेप लगाया है। शव के चेहरे पर घाव के निशान मिले हैं। पैंट की जेब से ट्रैक्टर की चाबी भी मिली है।
अरवल थाना क्षेत्र के खद्दीपुर निवासी उपकार राजपूत (26) का बेड़ीजोर में टेंट हाउस है। भाई राम प्रकाश ने बताया कि बीती 11 फरवरी की सुबह उपकार बैंक ऑफ इंडिया की अरवल शाखा में एटीएम कार्ड में नाम सही कराने के लिए गया था। देर शाम तक वह वापस घर नहीं आया। इस पर उसकी तलाश की गई। कोई सुराग न मिलने पर 13 फरवरी को अरवल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सोमवार दोपहर कुछ ग्रामीणों ने कुसुमखोर में गंगानदी के पुल के नीचे शव देखा। इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने पहचान कराने की कोशिश की। इसके बाद बीते दिनों दर्ज किए गए गुमशुदगी के मामलों की तलाश कर संबंधित लोगों को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे राम प्रकाश ने उपकार के शव की पहचान की। राम प्रकाश का दावा है कि एक माह पहले ट्रैक्टर की चाबी को लेकर उपकार का डिब्बापुरवा निवासी एक शख्स से विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी वजह से इन लोगों ने हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। थानाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गांव से 31 किलोमीटर दूर मिला शव, मोबाइल भी गायब
खद्दीपुर गांव से कुसुमखोर की दूरी लगभग 31 किलोमीटर है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर बैंक जाने के लिए निकला उपकार कुसुमखोर कैसे पहुंच गया। मौके से मोबाइल भी नहीं मिला है। भाई राम प्रकाश ने गुमशुदा होने पर उपकार को फोन किया था, लेकिन फोन स्विच ऑफ बताता रहा। हालांकि 14 फरवरी की शाम 7:40 बजे वाट्सअप देखा गया है। अभी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती यह है कि वाट्सअप खुद उपकार ने देखा या फिर घटना को अंजाम देने वालों ने इसके मोबाइल का इस्तेमाल किया।