संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। पिटाई के दौरान महिला के गर्भ में पल रहे शिशु की मौत के मामले में तीन सगे भाइयों को दोषी करार दिया गया है। जिला जज रीता कौशिक ने तीनों अभियुक्तों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।
सुरसा थाना क्षेत्र के बड़ौआ निवासी नीलम पत्नी राजू ने 16 दिसंबर 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 13 दिसंबर 2018 की शाम वह अपने दरवाजे पर बैठी थी। तभी गांव के धर्मगज व फूलचंद्र अपने भाई विमलेश, जदुवीर के साथ दरवाजे पर आ गए थे। गाली गलौज करने लगे थे।
मना करने पर आरोपियों ने नीलम की पिटाई कर दी थी। 18 दिसंबर को नीलम का मेडिकल हुआ था। इसमें पता चला था कि पिटाई के कारण आई चोट से उसके पेट में पल रहे शिशु की मौत हो गई है। 19 जनवरी 2019 को इसकी जानकारी उसके पति राजू ने पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पीटने और गर्भ में पल अरे शिशु की मौत हो जाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने धर्मगज का नाम आरोप पत्र से निकाल दिया था। बाकी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 14 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। आरोपियों के अधिवक्ता ने निर्दोष बताते हुए दोष मुक्त किए जाने का तर्क दिया।
वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने अधिक से अधिक सजा दिए जाने का तर्क दिया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूत के आधार पर जिला जज ने दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है साथ में जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की 75 फीसदी रकम बतौर क्षतिपूर्ति महिला को देने के आदेश जिला जज ने दिए है।