संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। नगरीय निकायों की चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में मनमानी पर अंकुश लग गया है। नगरीय निकाय हैंडपंप और सोलर वाटर कूलर नहीं लगवा सकेंगे। चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना से निकायों को हैंडपंप और सोलर वाटर कूलर के कामों को हटाना होगा। इनके स्थान पर सीवरेज, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के कामों को प्राथमिकता के अनुसार शामिल करना होगा।
चालू वित्तीय वर्ष में 13 नगरीय निकायों की ओर से विकास, निर्माण व मशीनों-उपकरणों की खरीदारी के लिए 25.34 करोड़ की कार्ययोजना बनाई गई है। 14वां, 15वां वित्त आयोग व स्टांप शुल्क की दो प्रतिशत राशि से काम कराने के दिए गए प्रस्ताव में हैंडपंप का अधिष्ठापन व सोलर वाटर कूलर को भी शामिल किया गया।
अधिशासी अधिकारियों ने ट्रैक्टर-ट्राॅली, ई-रिक्शा, ट्राई साइकिल, हत्थू ठेला, पानी का स्टील बॉडी का टैंकर, मिनी गार्बेज टियर, मिनी पोकलैंड मशीन, फॉगिंग मशीन, सीवर सेक्शन मशीन, जेबीसी मशीन, चारा कटर मशीन, टियूनबिन डस्टबिन, वातानुकूलित शव वाहन, आर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट मशीन व एलईडी लाइट आदि उपकरण की खरीदारी को शामिल किया है।
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अब तक चार निकायों की कार्ययोजना से हटवाए गए ये काम
डीएम एमपी सिंह ने नगरीय निकायों की कार्ययोजना के अनुमोदन से पहले परीक्षण शुरू कर दिया है। अब तक नगर पालिका परिषद मल्लावां, बिलग्राम के पांच-पांच सोलर वाटर कूलर, नगर पंचायत पाली के छह सोलर वाटर कूलर सहित हैंडपंपों के अधिष्ठापन के कामों को कार्ययोजना से हटवाया दिया है।
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भू-गर्भ जलदोहन कम करने पर जोर
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि वैसे भी नगरीय निकायों में अमृत योजना के तहत हर घर पाइप पेयजलापूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। सार्वजनिक स्थलों पर टोटी लगाकर बूथ बनाए जाते हैं और भू-गर्भ जलदोहन कम करने पर भी सरकार जोर दे रही हैं। ऐसे में हैंडपंपों की स्थापना का औचित्य नहीं है। सोलर वाटर कूलर बहुत हद सफल नहीं हो पा रहे हैं। नगरीय निकायों को प्राथमिकता पर जलनिकासी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सभी अधिशासी अधिकारियों से कहा गया है कि वह हैंडपंप स्थापना, सोलर वाटर कूलर के काम को कार्ययोजना से हटा दें। इसके स्थान पर जलनिकासी, सीवरेज को बेहतर बनाने और पाइप पेयजलापूर्ति से वंचित आबादी को संतृप्त कराने के कामों को वरीयता दें।
नगरीय निकायवार प्रस्तावित कार्ययोजना पर एक नजर
नगरीय निकाय - कार्ययोजना रुपये में
हरदोई - 2,80,10,967
संडीला - 13,19,54,744
शाहाबाद - 2,61,35,826
मल्लावां - 89,86,559
पिहानी - 1,01,51,904
बिलग्राम - 73,36,054
सांडी - 68,59,000
कछौना-पतसेनी - 1,31,57,561
कुरसठ - 9,47,347
माधौगंज - 20,23,752
गोपामऊ - 38,29,337
बेनीगंज - 37,96,000
पाली - 1,02,57,369