उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में जिंदगी के कई सावन
देखने के बाद अब माया नगरी मुंबई में नाम कमा रहीं पारुल चौहान ने बताया कि
उनके सपनों को मुंबई ने ही पूरा किया। आयोजक नागेंद्र मिश्र के बुलावे पर
जनपद में अपनी अदाओं का जलवा बिखेरने आईं टीवी कलाकार ने सपनों की कहानों
पत्रकारों को भी बताई।
शहर के एक होटल में पत्रकारों से रूबरू होकर
स्टार प्लस के विदाई सीरियल की सांवली सलोनी रागिनी के नाम से जानी जाने
वाली पारुल ने बताया कि उनके पिता लखीमपुर में लेखपाल और मां एक घरेलू
महिला हैं। बताया कि 2005 में राजस्थान में एक शादी के दौरान मुंबई से आए
उनके दोस्तों ने उन्हें माडलिंग में ट्राई करने को कहा और इसी सपने के साथ
वह अपने भाई के साथ मुंबई आ गई।
काफी संघर्ष के बाद जब कोई ब्रेक नहीं मिला
तो वह वापस आ गईं। पर मम्मी के हौसले से वह एक बार फिर मुंबई और 2007
में बाला जी के आडिशन में सेलेक्ट हुईं। जहां उन्हें पहला ब्रेक विदाई
सीरियल के लिए मिला। इसके बाद वह झलक दिखलाजा, कॉमेडी सर्कस सीजन प्रथम व
द्वितीय, रिश्तों से बड़ी प्रथा तथा पुर्न विवाह में नजर आईं।
बताया कि
उन्हें खाने का शौक है और बेहतर खाना बना सकती हैं। इसके अलावा एक्टिंग,
डांसिंग और सिंगिंग का भी शौक है। डायरेक्ट नागेंद्र मिश्र के साथ कई शो
में काम कर चुकी हैं और आगे भी करने की बात कही।