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Hardoi News: सात निकायों में एमआरएफ सेंटर बने लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता नहीं बन पाया

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हरदोई। निकायों में घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण में संपर्क मार्ग बाधक बन रहे हैं। नगर पंचायत माधौगंज में तो मैटेरियल रिकवरी (एमआरएफ) के लिए न तो रास्ता है और न ही अभी तक बिजली कनेक्शन हो पाया है। 13 निकायों में से सात निकायों के एमआरएफ तो बन गए लेकिन रास्ता न होने से संचालन सुचारु नहीं हो पा रहा है जिससे कूड़ा निस्तारण में भी दिक्कत हो रही है।
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कूड़ा निस्तारण के लिए स्वच्छ भारत मिशन शहरी में एमआरएफ की व्यवस्था दी गई है। मिशन की तरफ से निकायों में एमआरएफ बनवाए गए हैं। एमआरएफ में कूड़ा की छंटनी और मैटेरियल को निकालकर अलग-अलग कराए जाने का काम किया जाता है। एसबीएम शहरी की तरफ से नगर पालिका हरदोई, शाहाबाद, पिहानी, सांडी, संडीला, मल्लावां और बिलग्राम के साथ ही छह नगर पंचायतों में एमआरएफ सेंटर बनवाए गए हैं। इनमें नगर पालिका शाहाबाद और संडीला में दो-दो एमआरएफ हैं जबकि अन्य निकायों में एक-एक एमआरएफ है।
निकायों की तरफ से बताया गया कि शाहाबाद, सांडी, मल्लावां, बिलग्राम, गोपामऊ और बेनीगंज में एमआरएफ सेंटर तक जाने के लिए रास्ता ठीक है जबकि हरदोई, माधौगंज, पाली, पिहानी, संडीला, कुरसठ और कछौना पतसेनी में एमआरएफ तक संपर्क मार्ग नहीं हैं जिससे वहां तक कूड़ा वाहन भी नियमित रूप से नहीं पहुंच पाते हैं।
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वहीं नगर पंचायत माधौगंज में हरदोई रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास मुख्य मार्ग से करीब 1.50 किलोमीटर अंदर एमआरएफ सेंटर बना है। वहां पर न तो अभी तक बिजली कनेक्शन हो पाया है और न ही मार्ग बन पाया। एमआरएफ भी बंद है। वहां पर मैनुअली भी कूड़ा निस्तारण नहीं कराया जा रहा है जिससे कूड़ा निकायों की तरफ से खाली भूमि पर डंप कराया जा रहा है।
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शहर में 40 टन और माधौगंज में पांच टन कूड़ा निकलता है प्रतिदिन
निकायों की तरफ से कूड़ा निस्तारण के लिए बनवाए गए एमआरएफ सेंटर के साथ ही वहां पर निकलने वाले कूड़े का भी आकलन कराया गया। प्रशासन की तरफ से कराए गए आकलन में नगर पालिका हरदोई में प्रतिदिन औसतन 40 टन कूड़ा निकलता है जबकि शाहाबाद में करीब 27 टन, संडीला में 20 टन, मल्लावां, पिहानी, सांडी और बिलग्राम में औसतन 12-13 टन, माधौगंज और पाली में औसतन पांच-पांच टन कूड़ा निकलता है।

एमआरएफ सेंटर संचालन की सभी अधिशासी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। शहर और कुछ अन्य निकायों के एमआरएफ पर मैनुअली कूड़ा निस्तारण कराया जा रहा है। माधौगंज एमआरएफ पर अभी बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है जबकि वहां पर भी मैनुअली निस्तारण कराया जाना चाहिए लेकिन अभी तक संचालन नहीं हो पाया है। अधिशासी अधिकारियों से एमआरएफ सेंटर तक संपर्क मार्ग बनवाए जाने के लिए कहा गया है। जल्द ही समीक्षा कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। -प्रियंका सिंह, अपर जिलाधिकारी
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