हरदोई। यूं तो शनिवार शाम भाजपा के जिला कार्यालय में हरदोई और मिश्रिख के सांसदों की उपलब्धियां बताने के लिए पत्रकार वार्ता आयोजित की गई थी, लेकिन इसी बीच प्रत्याशियों की घोषणा हो गई।
पत्रकार वार्ता में मौजूद दोनों सांसदों को फिर से प्रत्याशी बनाए जाने का पता चलते ही समर्थकों ने जयश्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए। हरदोई से मौजूदा सांसद जय प्रकाश और मिश्रिख से मौजूदा सांसद अशोक रावत को पार्टी ने फिर से प्रत्याशी घोषित किया है।
गंगानगर स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मिश्रिख से सांसद अशोक रावत ने कहा कि संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत हरदोई जनपद के तीन विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें संडीला, बालामऊ और बिलग्राम मल्लावां क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत बालामऊ जंक्शन का चयन हो चुका है। क्षेत्र की अधिकांश समस्याओं का निस्तारण कराया जा चुका है। साथ ही समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए विभिन्न योजनाएं भी संचालित हो रही हैं।
हरदोई के सांसद जय प्रकाश ने रामगंगा नदी पर अर्जुनपुर पुल से लेकर औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के जरिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का दावा किया। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी वाली गाड़ी ने हर किसी को लाभ दिया है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, जिला महामंत्री अनुराग मिश्रा और सतेंद्र राजपूत, हरदोई लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी दिनेश दुबे, संयोजक प्रीतेश दीक्षित, मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र के संयोजक अशोक सिंह और मीडिया प्रभारी गंगेश पाठक मौजूद रहे।
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जनता के सुझाव संकल्प पत्र में शामिल करेगी भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने बताया कि 2047 तक भारत को विकसित कर सशक्त राष्ट्र बनाना है। इसके लिए जनता से सुझाव ही मांगे जा रहे हैं। लोगों के सुझाव और आकांक्षाओं के आधार पर भाजपा अपना संकल्प पत्र भी बनाएगी। विकसित भारत मोदी की गारंटी संकल्प पत्र सुझाव अभियान 15 मार्च तक चलेगा।
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... और पुराने चेहरे पर ही भाजपा ने जताया भरोसा
भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए दोनों पुराने चेहरों पर भरोसा जताया है। हरदोई से सांसद जय प्रकाश का सियासी कॅरिअर भाजपा से ही शुरू हुआ था। पहली बार 1991 में वह हरदोई से भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे। 1996 में भी वह जीतने में कामयाब रहे। 1998 में वह सपा प्रत्याशी ऊषा वर्मा से हार गए थे। 1999 के लोकसभा चुनाव में लोकतांत्रिक कांग्रेस और भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते थे।
वर्ष 2004 में वह सपा के टिकट पर मोहन लाल गंज से सांसद बने थे। वर्ष 2009 में बसपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव उन्होंने मिश्रिख से सपा के टिकट पर लड़ा था और हार गए थे। वर्ष 2019 में वह फिर भाजपा के टिकट पर हरदोई से लड़े और जीतने में कामयाब रहे। उन्हें प्रत्याशी घोषित किए जाते ही सोशल मीडिया से लेकर प्रेसवार्ता में मौजूद लोगों तक ने बधाई दी। इनमें प्रियम मिश्रा, अमित त्रिवेदी रानू, प्रदीप पाठक, अहिरोरी के ब्लाक प्रमुख धर्मवीर सिंह पन्ने, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल आदि शामिल रहे।
मिश्रिख से प्रत्याशी घोषित किए गए अशोक रावत वर्ष 2004 और 2009 में बसपा के टिकट पर मिश्रिख से सांसद चुने जा चुके हैं। वर्ष 2014 में वह बसपा के प्रत्याशी थे,लेकिन हार गए। 2019 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में मिश्रिख से जीतने में कामयाब रहे। अब भाजपा ने फिर प्रत्याशी बनाया है।